यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं गुरुवार को अफरातफरी के बीच प्रारंभ हो गईं। अधिकांश परीक्षा केंद्रों का आलम यह रहा कि शिक्षक कार्यमुक्त होने के बाद भी परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंचे। 1800 बीटीसी महिला प्रशिक्षु और 700 पुरुषों की ड्यूटी लगाई गई है, मगर गुरुवार को कोई केंद्र पर नहीं पहुंचा। केंद्र व्यवस्थापकों ने किसी तरह परीक्षा कराई। इधर, जिले के अधिकांश केंद्रों से सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों के साथ ही वाह्य केंद्र व्यवस्थापक नदारद रहे।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा का आगाज बृहस्पतिवार से हो गया है। आधी-अधूरी तैयारी के बीच प्रारंभ हुई परीक्षा में व्यापक अव्यवस्था देखने को मिली है। नकल रोकने के लिए जोनल, सेक्टर, स्टेटिक और वाह्य केंद्र व्यवस्थापकों की ड्यूटी तो लगाई गई है, मगर ड्यूटी उनके तक नहीं पहुंचने के कारण पहले दिन की परीक्षा राम भरोसे हुई। अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी का सामना करना पड़ा।
बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों की हड़ताल के चलते 1800 बीटीसी प्रशिक्षु महिला और 700 पुरुषों की ड्यूटी केंद्रों पर लगाई गई थी, मगर गुरुवार की परीक्षा में कोई बीटीसी प्रशिक्षु नहीं पहुंचा। केंद्र व्यवस्थापकों के लिए राहत भरी खबर यह रही कि पहले दिन की परीक्षा में कोई अनिवार्य विषय नहीं था, नहीं तो परीक्षा कराना मुश्किल हो जाता। गुरुवार को हाईस्कूल की परीक्षा में पहली पाली में संगीत गायन और दूसरी पाली में इंटरमीडिएट शिक्षा शास्त्र की परीक्षा हुई। हाईस्कूल की परीक्षा 47 केंद्रों पर हुई और दूसरी पाली की परीक्षा 201 केंद्रों पर हुई।
ऐनवक्त पर बढ़ गए परीक्षार्थी
पट्टी इलाके के सेवाश्रम इंटरकालेज ढिढुई में अचानक परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ गई। केंद्र व्यवस्थापक की मानें तो केंद्र पर पहले ही हाईस्कूल के 478 परीक्षार्थी थे। छह फरवरी को दोपहर डेढ़ बजे 12 और बच्चों की संख्या आ गई। ऐेसे में प्रश्नपत्र कम मिलने की जानकारी डीआईओएस को देकर पेपर की मांग की है।
हाईस्कूल में कृषि और इंटर में संस्कृत की होगी परीक्षा
आठ फरवरी को हाईस्कूल में कृषि और इंटरमीडिएट में संस्कृत, उर्दू की परीक्षा होगी। केंद्र व्यवस्थापकों के लिए यह राहत भरी खबर है, कि दूसरे दिन भी कोई बड़ी परीक्षा नहीं है।
डीएम ने एक दिन का काटा वेतन, कक्ष निरीक्षक को हटाया
डीएम शंभु कुमार ने गुरुवार को शहर के अबुल कलाम, जीजीआईसी और पीबी इंटर कालेजों का निरीक्षण कर यूपी बोर्ड परीक्षा का जायजा लिया। जीजीआईसी में स्टेटिक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात सीडीपीओ सदर राजकुमारी मौर्य के गायब रहने पर एक दिन का वेतन काटने का आदेश देने के साथ ही स्पष्टीकरण तलब किया है। पहले दिन की परीक्षा में लगभग 65 केंद्रों से स्टेटिक मजिस्ट्रेटों के गायब रहने पर डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापकों से रिपोर्ट मांगी है।
डीएम शंभु कुमार ने गुरुवार को अबुल कलाम आजाद इंटर मीडिएट कालेज, राजकीय बालिका इंटर कालेज एवं प्रताप बहादुर इंटर कालेज का औचक निरीक्षण कर नकलविहीन परीक्षा कराने को कहा। अबुल कलाम आजाद इंटरमीडिएट कालेज में परीक्षार्थी समर पांडेय के प्रवेश पत्र में उसके स्थान पर लडक़ी की फोटो होने पर नाराजगी जताई। सीसीटीवी देखने पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि परीक्षार्थी इधर-उधर देख रहे हैं और कक्ष निरीक्षक शिवबहादुर सिंह द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इस पर डीएम ने कक्ष निरीक्षक को हटाकर तत्काल दूसरे को तैनात करने को कहा। डीएम ने केंद्र को अति संवेदनशील केंद्र घोषित करने को कहा। पीबी इंटर कालेज में वाइस रिकार्डर नहीं चलने पर केंद्र व्यवस्थापक को अविलंब दुरुस्त कराने को कहा। इधर डीएम ने सभी स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को परीक्षा के समय मौजूद रहकर अपने दायित्व का निर्वहन करने को कहा है।
पहले दिन नहीं मिला कोई नकलची
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के पहले दिन कोई नकलची नहीं मिला। पहली पाली की परीक्षा में 51 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। कुल 412 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी, मगर परीक्षा देने 361 परीक्षार्थी ही आए।
परिषदीय स्कूलों का बदला समय
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों का समय बदल दिया गया है। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल सुबह नौ बजे खुलेंगे और तीन बजे बंद होंगे। दिसंबर माह में कड़ाके की ठंड देखते हुए डीएम ने स्कूलों का समय 10 से तीन बजे कर दिया था।