प्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में नगर में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन करते विद्यार्थी शिक्षार्थी
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सरकारी नौकरियों में समूह ख और ग की भर्ती पांच साल के लिए सविंदा पर करने के प्रस्ताव पर जिले के बेरोजगारों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मंगलवार को शिक्षक-विद्यार्थी मंच और डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया। सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर चेताया कि अगर बेरोजगारों के साथ ऐसा मजाक किया गया तो वह सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
मंगलवार को शहर के आंबेडकर चौराहे पर एकत्रित शिक्षक-विद्यार्थी मंच के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए योगी सरकार के पहले पांच वर्ष संविदा पर नियुक्ति करके परीक्षा लेने के प्रस्ताव की निंदा करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों का शोषण होगा।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे प्रफुल्ल सिंह ने कहा कि चार साल से भर्तियां अधर में लटकी हैं। अगर परिणाम आते भी हैं तो संविदा पर नियुक्ति करके कर्मचारियों का परीक्षा के नाम पर मानसिक और आर्थिक शोषण किया जाएगा।
सीएम को संबोधित ज्ञापन में प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की गई। बेरोजगारों ने चेताया कि अगर सरकार अपनी जिद पर कायम रही तो विरोध का स्वर भी झेलना होगा। इस मौके पर आदर्श मिश्र, विजय शर्मा, विकास यादव, रोहित तिवारी, अंकुर सिंह, आलोक पांडेय, अभिषेक, दिवाकर प्रमुख रुप से मौजूद रहे। इधर, डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास यादव के नेतृत्व में डीएम को सौंपे ज्ञापन में बेरोजगारों ने संविदा नियुक्ति के प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे लागू नहीं करने की मांग की है।