बिरहा गायक राम सेवक यादव और उनके बेटे राजीव यादव।
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पेशे से पशु डॉक्टर मगर बिरहा के गजब के जुनून वाले लोक गायक रामसेवक यादव ने अपनी लोक कला के प्रति ऐसी लगन लगाई कि बिरहा के यूट्यूबर बनकर न सिर्फ क्षेत्र में जमकर लोकप्रियता अर्जित की बल्कि अपने चैनल से लाखों रुपये की कमाई करके नया कीर्तिमान भी बनाया और सभी के लिए नजीर बन गए।
मौजूदा समय में चैनल के माध्यम से उनकी कमाई हर माह तकरीबन एक लाख रुपये पहुंच चुकी है। इतना ही नहीं उन्होंने पांच बेरोजगार युवकों को रोजगार भी दिया है। यूट्यूब के आधिकारिक डेटा के मुताबिक अब तक उनके वीडियो को 50 करोड़ बार देखा गया है। इस वर्ष यूट्यूब की ओर से उन्हें बेस्ट क्रिएटर ऑफ द ईयर अवार्ड 2023 से भी नवाजा गया है।
क्षेत्र के अंधरीपुर ग्राम पंचायत के रहने वाले रामसेवक यादव पेशे से निजी पशु चिकित्सक हैं, मगर उनके भीतर बिरहा गायन का जुनून है। साल 2019 में उन्होंने अपने लोकगायन को संग्रहित करने के लिए रामसेवक बिरहा म्युजिक नाम से चैनल बनाया था। शुरुआती दिनों में सिर्फ वे अपने गाये हुए बिरहा को अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड करते थे।
मगर धीरे, धीरे उनके चैनल की लोकप्रियता बढ़ने पर अन्य कलाकारों के बिरहा की मांग भी होने लगी। श्रोताओं की मांग पूरी करने के लिए इसे बखूबी निभाया। बड़े बेटे राजीव यादव बताते हैं, अब उनका चैनल पूरी दुनिया के बिरहा प्रेमियों के बीच सबसे लोकप्रिय चैनल बन गया है।
इसके तकरीबन 50 फीसदी व्यू ब्रिटेन,अमेरिका,नेपाल जैसे बड़े देशों से आते हैं। शुरुआती दिनों में 8-9 हजार रुपये प्रतिमाह यूट्यूब से मिलता था। अब लगभग एक लाख रुपये प्रति माह आमदनी हो रही है।
दिल्ली में मिल चुका है सम्मान
हाल ही में दिल्ली में यूट्यूब की ओर से ''बेस्ट क्रिएटर ऑफ द ईयर अवार्ड 2023'' से रामसेवक को नवाजा गया है। इससे अब वह पूरे उत्साह से बिरहा के क्षेत्र में गायन कर रहे हैं।