पास में ही मोटरसाइकिल व बैग में लैपटॉप पड़ा था। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस घायल आलोक को कालाकांकर सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से पिस्टल की कारतूस के दो खोखे बरामद हुए। रात में ही पुलिस ने शव को मर्चरी भेज दिया। यहां वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम शुरू हुआ तो परिवार के लोग भी साथ रहने का दबाव बनाने लगे।
चिकित्सक ने परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। जिसे लेकर लोग हंगामा करने लगे। जानकारी मिलने पर सीओ सिटी अभय पांडेय व मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने के बाद लोग शांत हुए। सीओ कुंडा अजीत सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अभी परिवार के लोग कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं।
घटना को हादसा बताने पर एसओ के खिलाफ नाराजगी
हज जनसेवा केंद्र संचालक आलोक पांडेय की गोली मारकर हत्या की घटना को लेकर पुलिस व चिकित्सक भी उलझे रहे। रात में काफी खोजबीन के बाद पुलिस व कालाकांकर सीएचसी के चिकित्सक इस नतीजे पर नहीं पहुंच सके कि आलोक को गोली मारी गई है। हर कोई हादसे की आशंका जताता रहा। नवाबगंज एसओ घटना को दुर्घटना बताते रहे। जिसे लेकर लोगों में भारी गुस्सा था। परिवार के लोग पोस्टमार्टम अपनी मौजूदगी में करानी की जिद पर अड़े थे। एक्सरे होने पर सिर में बुलेट फंसी मिली। चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के दौरान बुलेट निकाली। आलोक के शरीर में भी 10 से अधिक चोटें थीं।
दो माह पहले हुई थी शादी, पांच दिन पहले मसूरी से लौटा था
आलोक पांडेय की शादी बीते मई माह में ऊंचाहार की रहने वाली कोमल के साथ हुई थी। शादी के बाद आलोक पत्नी कोमल के साथ मसूरी घूमने गया था। पांच दिन पहले दोनों लौटे थे। ग्रामीणों चर्चा करते रहे कि हंसते खेलते परिवार को आखिर किसकी नजर लग गई।
बुझ गया घर का चिराग
आलोक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। दो बहनें नीतू व नीलू से छोटा था। दोनों बेटियों की शादी करने के बाद पिता ने मई माह में बेटे आलोक की शादी की थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद मां व बहनें रोते हुए बेसुध हो जा रही थीं। देर रात शव पहुंचते ही घर में चीखपुकार मच गई। बहनें पिता राजेंद्र पांडेय से लिपटकर रोती रहीं। पूरे गांव में मातम पसरा था।
बवाल की आशंका में कई थानों की फोर्स पहुंची, अंतिम संस्कार से इनकार
पोस्टमार्टम के बाद परिजन आलोक का शव लेकर घर पहुंचे। बवाल की आशंका को देखते हुए आलापुर बाजार में सीओ कुंडा अजीत सिंह नवाबगंज, मानिकपुर, कुंडा थाने की फोर्स लेकर मुस्तैद हो गए। भारी फोर्स देख बाजार में अफरातफरी का माहौल कायम रहा। शव पहुंचते ही एसडीएम कुंडा सतीश त्रिपाठी भी पहुंच गए। परिवारीजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। आलोक के परिवार के लोग हमलावरों का घर गिराने, एक करोड़ मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग करते रहे।
व्यवसायिक रंजिश में हुई आलोक की हत्या
आलोक ने मानिकपुर में करीब दो साल पहले सहज जनसेवा केंद्र खोला था। वहां पहले से एक केंद्र था। आलोक के केंद्र संचालन शुरू हो जाने के बाद इसका असर उसके कारोबार पर पड़ा। गांव में इस बात की चर्चा होती रही कि उनके बीच मनमुटाव चल रहा था। जिसे लेकर कहासुनी भी हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी रंजिश में आलोक की हत्या की गई है। हालांकि अभी घरवालों के साथ पुलिस भी कुछ खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है। आलोक के चाचा हत्यारोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे।