गौरा सीएचसी में नसबंदी के बाद महिलाओं को ओटी से अंत: वस्त्र में निकालने की घटना से खफा परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गुरुवार को सीएचसी गौरा में 23 महिलाओं को नसबंदी के लिए बुलाया गया था। धरी के विजय कुमार, गौरा के विनय और पूरेबदल गांव के दीपक का आरोप है कि नसबंदी के बाद जब महिलाओं का बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया तो उनके शरीर पर सिर्फ अंत: वस्त्र थे। यह देखकर लोग दंग रह गए। उनकी आंखें नीचे हो गईं। परिजनों ने इस बारे में जब अस्पताल के स्टाफ से पूछा तो वे विवाद करने लगे। इससे खफा ग्रामीणों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। इस बारे में सीएचसी अधीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि नसबंदी के बाद ओटी से बाहर आईं महिलाओं के शरीर पर ब्लाउज, पेटीकोट था। नग्न का आरोप बेबुनियाद है।