पट्टी में मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में अचानक कमिश्नर व डीआईजी इलाहाबाद मंडल सुनवाई करने के लिए पहुंचे गए। इस दौरान कमिश्नर ने महोखरी गांव की एक वरासत खतौनी पर न दर्ज किए जाने पर रजिस्ट्रार कानूनगो को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही कार्यों में शिथिलता बरतने पर खंड विकास अधिकारी पट्टी और बेलखरनाथधाम को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।
पट्टी में आयोजित तहसील दिवस में सुबह से ही फरियादियों की भीड़ जमा हो गई। इस बीच कमिश्नर इलाहाबाद राजन शुक्ल व डीआईजी भगवान स्वरूप भी फरियाद सुनने पहुंच गए। आला अधिकारियों के पहुंचने पर फरियादियों का हुजूम उमड़ पड़ा। भीड़ बढ़ने के कारण पुलिस प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ी। शिकायतों को सुन रहे कमिश्नर राजन शुक्ल ने बेलखरनाथधाम के महोखरी गांव निवासी मिठाईलाल विंद की मौत के बाद भी वरासत खतौनी में न दर्ज होने की बेटे की शिकायत पर रजिस्ट्रार कानूनगो मनोज मिश्र के निलंबन का फरमान सुना दिया। विकास कार्यों व समस्याओं को नजरअंदाज करने की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी पट्टी व बेलखरनाथ को प्रतिकूल प्रविष्ट दे दी। इसी तरह रेंजर पट्टी, एसडीएम पट्टी, एसओ आसपुर देवसरा समेत दस लोगों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इधर, देवसरा क्षेत्र के मढ़नामऊ गांव निवासी जयनाथ यादव ने अपने बेटे सुधीर का शव नीमा हाल्ट पर मिलने के मामले में हत्या की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सही विवेचना नहीं की। उनकी इस शिकायत पर डीआईजी ने विवेचना स्थानान्तरित किए जाने का आदेश दिया। जबकि आशा पत्नी फूलचंद जैन की विधवा को दो वर्ष से विधवा पेंशन न मिलने पर समाज कल्याण अधिकारी को फटकार सुननी पड़ी। मोलनापुर गांव के ग्रामीणों ने आपदा राहत के तहत किसानों की फसलों के मुआवजे का चेक अब तक न वितरित होने की शिकायत उठाई। तहसील दिवस में कुल 173 शिकायतें आई। जिनमें से पांच का निस्तारण किया गया।
मंडलायुक्त और डीआईजी ने रानीगंज में आयोजित तहसील दिवस का भी जायजा लिया। कमिश्नर ने उपस्थिति रजिस्टर देखा तो दर्जनों अधिकारी गायब थे। ऐसे में कमिश्नर का पारा तल्ख हो गया। उन्होंने सहायक अभियंता जलनिगम, अवर अभियंता नलकूप, सहायक अभियंता विद्युत रानीगंज, सहायक अभियंता सिंचाई, सहायक बेसिक शिक्षाधिकारी गौरा, चौकी इंचार्ज पृथ्वीगंज व देल्हूपुर, सहायक विकास अधिकारी सहकारी समिति गौरा व शिवगढ़, बाल विकास परियोजना अधिकारी गौरा व शिवगढ़ से 3 दिवस के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।