भंगवाचुंगी स्थित दिलीपपुर स्टेट को लेकर अब लेखपाल और अधिवक्ता के बीच जंग छिड़ गई है। लेखपाल ने तहसील सदर के महामंत्री चंचल सिंह पर धमकाने की तो अधिवक्ता ने भी लेखपाल के खिलाफ लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसे लेकर अवकाश के दिन भी वकीलों में खासा गुस्सा देखने को मिला।
सदर तहसील के लेखपाल सुशील मिश्रा के मुताबिक वह शुक्रवार को उपजिलाधिकारी के आदेश पर धारा 146 के तहत भंगवाचुंगी स्थित दिलीपपुर स्टेट की संपत्ति कुर्क करने के लिए नायब तहसीलदार के साथ गए थे। इसी मामले को राजकुमारी भावना के वकील चंचल सिंह ने उसे फोन पर धमकाया और सरकारी कार्य में बाधा डाली। कोतवाली में चंचल सिंह के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। चंचल सिंह ने भी पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि वह बाइक से शुक्रवार की रात अपने घर जा रहे थे। जोगापुर से रूपापुर जाने वाले रोड पर पहले से मौजूद लेखपाल सुशील मिश्रा और दो अन्य लोगों ने उसे रोक लिया। उसके साथ मारपीट की और जेब से रुपये व गले से सोने की चेन छीन ली। आसपास के लोगों के दौड़ने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले।
नगर कोतवाल अनिल कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। बता दें कि दिलीपपुर स्टेट की संपत्ति को लेकर राजकुमारी भावना और राजा उदय सिंह के बीच पहले से ही विवाद चल रहा है। कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के लोग आमने- सामने भी हो चुके हैं। एसडीएम ने दिलीपपुर स्टेट की विवादित संपत्ति को कुर्क करने का आदेश पहले से ही दे रखा है। अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर साथियों ने आक्रोश जताया और चेताया है कि मुकदमा स्पंज कर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई न की गई तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे। जिसकी जवाबदेही प्रशासन की होगी।