जिले में मजदूरों को लाभ देने के लिए खोजा जा रहा है। मगर लाख प्रयास के बाद भी मजदूर श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। श्रम विभाग ने मजदूरों को लाभ देने के लिए तमाम योजनाएं संचालित की हैं। इसमें मजदूरों का बीमा होने के साथ ही बेटी की शादी में अनुदान, आवास के साथ ही अन्य लाभ दिए जाने का प्रावधान है। इसका लाभ उन्हें तीन माह तक काम करने का प्रमाण देकर पंजीकरण कराने के बाद मिलता है। पंजियन कराने के लिए 100 रुपये शुल्क रखा गया है। इसे हर साल रिन्यूवल कराना पड़ता है। जिले का हाल है कि मजदूर तो यहां बहुत हैं, पर शायद उन्हें श्रम कार्यालय नहीं पता है। पता भी है तो वे आने से डरते हैं। गौरतलब है मुख्यमंत्री के विकास कार्यक्रम में मजदूरों को लाभ देने के लिए प्राथमिकता सूची में रखा गया है।