आधुनिकीकरण के इस दौर में किसान भी अब खेती में नई तकनीक को अपना रहे हैं। जिले के दस किसानों ने परंपरागत खेती से इतर स्ट्रॉबेरी, सिंघाड़े और मखाने की खेती करने का निर्णय लिया है। जिला उद्यान विभाग तीन अक्तूबर को किसानों को निशुल्क बीज वितरित करेगा। किसान एक हेक्टेयर में स्ट्राॅबेरी, तीन हेक्टेयर में सिंघाड़े व दस हेक्टेयर में मखाने की खेती करेंगे।
उद्यान विभाग के विशेषज्ञ किसानों को प्रोत्साहित करने में जुट गए हैं। स्ट्रॉबेरी, मखाना व सिंघाड़ा की खेती का लक्ष्य निर्धारित होने के कारण किसानों को इसके फायदे बताए जा रहे हैं। अब तक करीब दस आवेदन विभाग को प्राप्त हो चुके हैं। जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि फलों की खेती करने से किसानों की आय बढ़ेगी। अच्छी पैदावार के लिए बलुई-दोमट मिट्टी बेहतर होती है। खेत में स्ट्राॅबेरी लगाने से पहले पर्याप्त मात्रा में गोबर की खाद डालना जरूरी है। किसानों की उपज के लिए विभाग बाजार भी प्रदान करेगा।