रविवार को अफसरों की लापरवाही के चलते आधे शहर को बिजली नहीं मिली। रात में बारिश के बाद तार टूटने से गुल हुई बिजली दोपहर तक ठीक नहीं हो पाई थी। जिससे रूपापुर उपकेंद्र से जुड़े इलाके बिना बिजली के रहे। लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ा। शनिवार की रात में तेज हवा चलने और बारिश होने से जोगापुर के पास तार टूट गया था। जिससे उपकेंद्र से आपूर्ति ठप हो गई। रविवार को लाइट सुबह नहीं आई तो नागरिकों ने रूपापुर उपकेंद्र पर फोन करना शुरू किया। वहां से बताया गया कि तार टूट गया है। कोई बनाने वाला नहीं है। अधिकारियों को बताएं। लोगों ने अधिकारियों को बताया मगर किसी नहीं सुना।
तार टूटने से रूपापुर उपकेंद्र से जुड़े जोगापुर, देवकली, गोपालापुर, मालगोदाम आदि इलाकों की आपूर्ति बाधित रही। इससे खफा लोगों ने एक्सईएन एके श्रीवास्तव से इसकी शिकायत कर दी। खास बात यह है कि जिम्मेदारों ने एक्सईएन को भी गुमराह कर दिया। हकीकत का पता चलने पर एक्सईएन ने लापरवाह कर्मचारियों को जमकर लताड़ लगाई। तब जाकर दोपहर बाद आधे शहर को बिजली मिल पाई। कर्मचारियों का कहना है कि संडे और अन्य छुट्टियाें में अधिकारी मुख्यालय से गायब रहते हैं। ऐसे में अगर बिजली जाती है तो उसको बनाने वाले कोई नहीं रहता है। उपभोक्ताओं ने जिलाधिकारी से बिजली के लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एक्सईएन एके श्रीवास्तव ने बताया कि जोगापुर के पास तार टूट गया था। मगर जिम्मेदार लोगों ने उनको बताया नहीं था। बाद में जानकारी होने पर कर्मचारियों को भेजकर तार को ठीक करवा दिया गया था। दोपहर बाद लाइट आ गई।
रूपापुर उपकेंद्र पर स्टॉफ की काफी किल्लत है। जिसकी वजह से फाल्ट आदि ठीक करने में काफी दिक्कते आ रही हैं। सूत्रों की मानें तो रूपापुर उपकेेंद्र पर 12 कर्मचारियों के स्थान पर केेवल तीन कर्मचारी हैं। ऐसे में अगर कहीं फाल्ट हो जाता है तो वह जल्द बनता नहीं है। अधिकारी चाहें तो बाबागंज उपकेंद्र के कर्मचारी की मदद से समय रहते फाल्ट ठीक करवा सकते हैं, मगर वे भी रुचि नहीं लेते हैं। रूपापुर उपकेेंद्र पर जेई की भी तैनाती नहीं है। बाबागंज के जेई एसबी प्रसाद को इस उपकेंद्र का भी चार्ज दिया गया है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली दिलाने का विभाग का वादा झूठा साबित हो रहा है।