एलआईसी अभिकर्ता से एसओजी का फर्जी अफसर बनकर रंगदारी मांगने और धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में महिला भी शामिल है। उसने लोन लेने के बहाने अभिकर्ता को घर बुलाकर घटना को अंजाम दिलाया था। घटना शामिल दोनों अन्य आरोपियों की तलाश में भी पुलिस जुटी हुई है।
लालगंज कोतवाली के पड़री निवासी श्रीराम पांडेय एलआईसी के अभिकर्ता हैं। पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने कहा है कि 30 मार्च को रात 11 बजे एक महिला ने फोन पर एलआईसी से लोन के लिए मुलाकात का वक्त मांगा। 13 मई को महिला उनसे लालगंज में मिली और बातचीत के लिए अपने कमरे पर ले गई। इसी बीच दो लोग वहां पंहुचे और खुद को एसओजी अफसर बताने लगे।
दोनों ने उसको महिला के साथ कमरे में होने की पूछताछ के नाम पर धमकी देकर 10 लाख की रंगदारी मांगी। इन्कार करने पर आरोपियों ने उनका मोबाइल छीनकर फेंक दिया और उनके बैग से चेकबुक निकालकर 65 हजार के दो चेक पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। पीड़ित ने पता लगाया तो तीनों की पहचान आफरीन बानो निवासी खानापट्टी, रवि पांडेय, सिद्धार्थ शुक्ल निवासी पंडित का पुरवा और संदीप वर्मा निवासी उमापुर के रूप में पहचान हुई। इसके बाद केस दर्ज कर बुधवार को लालगंज एसबीआई के समीप से आरोपी उमापुर निवासी संदीप वर्मा और खानापटटी निवासी आफरीन बानो को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक अवन कुमार दीक्षित का कहना है कि घटना में फरार दोनों आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीम का गठन किया गया है। शीघ्र ही दोनों को जेल भेजा जाएगा।