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Prtapgarh : आतंक का पर्याय बनता देख पुलिस ने 30 दिन में गुफरान को बनाया इनामियां

Thu, 29 Jun 2023 04:54 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

गुफरान ने 21 सितंबर 2019 को फतनपुर थाना क्षेत्र के खड़गपुर नई कोट निवासी तांत्रिक लालता शर्मा की हत्या से अपराध जगत में कदम रखा। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। रानीगंज में जानलेवा हमला व सांगीपुर में लूट के मामले में जमानत से छूटने के बाद गुफरान जिले से बाहर चला गया था।
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गुफरान। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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32 दिन के भीतर जनपद व पड़ोसी जिले में लूट, हत्या की वारदातों को अंजाम देकर आतंक का पर्याय बनते जा रहे गुफरान को इनामियां बना दिया। 16 मई 2023 को गुफरान ने अपने साथी तनवीर की हत्या की थी। 26 मई को फरारी के चलते 25 हजार का इनामी बना दिया। इसके बाद 26 जून को उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया। इस तरह 30 दिन के भीतर गुफरान सवा लाख का इनामी बदमाश बन गया।

गुफरान ने 21 सितंबर 2019 को फतनपुर थाना क्षेत्र के खड़गपुर नई कोट निवासी तांत्रिक लालता शर्मा की हत्या से अपराध जगत में कदम रखा। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। रानीगंज में जानलेवा हमला व सांगीपुर में लूट के मामले में जमानत से छूटने के बाद गुफरान जिले से बाहर चला गया था लेकिन इस बीच वह जेल में निरुद्ध व दूसरे अपराधियों के संपर्क में रहा। हर बदमाश की तरह पुलिस उसका भी सत्यापन करती रही, लेकिन हर बार घर पर उसका पता मुंबई, नागपुर ही परिजन बताते रहे। एक दो बार उसकी लोकेशन भी वहीं मिली।

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सुलतानपुर के अमहट में 12 अप्रैल 2023 को गुफरान ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पेट्रोल पंप पर लूट की घटना को अंजाम दिया। पुलिस की छानबीन में जब गुफरान का नाम सामने आया तो 6 जून को उसके ऊपर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। इसके बाद गुफरान ने 14 अप्रैल 2023 को ही मेडिकल स्टोर संचालक पर गोलियां बरसाई। 24 अप्रैल 2023 को ही लीलापुर में सराफ और अंतू में सरिया करोबारी से लाखों रुपये लूट की घटना को अंजाम दिया।

पुलिस उसके ठिकाने पर दबिश देती रही लेकिन वह नहीं मिला। उसकी मां ने भी अपना ठिकाना बदल दिया था। इस बीच 15 मई को जिले में कदम रखने वाले गुफरान ने अपने ही साथी तनवीर की लूट के रुपये के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी। चूंकि मृतक साथी ने दम तोड़ने से पहले कई बार गुफरान का नाम लिया था। इसलिए पुलिस उसके पीछे पड़ गई। फिर भी वह हाथ न लगा।

जिले में आतंक का पर्याय बन रहे गुफरान की पुलिस व एसटीएफ तलाश करने लगी। घटना के दस दिन बाद पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। कुछ दिनों बाद इनाम की राशि 50 हजार हो गई। डीजीपी ने 25 जून को उस पर एक लाख का इनाम घोषित कर दिया। 32 दिन के बाद भी जिले में आतंक का पर्याय बन रहे गुफरान को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया।

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मोबाइल कम, इंस्टाग्राम पर असलहों के साथ फोटो करता था अपलोड

कौशांबी में एसटीएफ के साथ मठभेड में मारे गए सवा लाख के इनामी गुफरान मोबाइल बहुत कम इस्तेमाल करता था। वह इंस्टाग्राम पर केवल असलहों के साथ फोटो अपलोड करता था। जिसमे प्रतिबंधित पिस्टल, तलवार, कारतूस की मैगजीन नजर आती थी। सूत्रों के अनुसार शहर की कई लड़कियों से वह बातचीत भी करता था। कभी कभार उनसे बातचीत करने के लिए दोस्तों के मोबाइल का प्रयोग करता था। वह घटनाओं के बाद अपनी वेशभूषा भी बदल लिया करता था। ताकि वह पहचान में न आ सके।

ननिहाल में गुफरान के शव को किया सुपुर्दे खाक, सीएम से शिकायत

एसटीएफ से मुठभेड़ में ढेर सवा लाख के इनामी बदमाश गुफरान का शव लेकर मां नसरीन मंगलवार की देर रात घर पहुंचीं। परिजन रोते बिलखते रहे। बुधवार को करीब दस बजे गुफरान के शव को गांव के ही कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया गया। एहतियात के तौर पर लीलापुर पुलिस मुस्तैद रही। मां नसरीन को पति रिजवान संभालता रहा। इधर गुफरान की मां नसरीन ने मुख्यमंत्री व डीजीपी को शिकायती पत्र भेजते हुए आरोप लगाया है कि उसके बेटे को घर से उठाकर ले जाया गया। उसे मुठभेड़ में मारने के लिए एसटीएफ के एक सिपाही ने धमकी दी थी।

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