प्रतापगढ़। ट्रेनों की पेंट्रीकार तथा रेलवे स्टेशन पर रेल नीर ब्रांड का पानी बेचने का नियम है। इसके बावजूद जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों में दूसरे ब्रांड के पानी की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। अनाधिकृत ब्रांड के पानी की बिक्री से रेलवे को राजस्व नुकसान के साथ ही यात्रियों के स्वास्थ्य को भी खतरा है।
स्टेशन पर रेल प्रशासन से स्वीकृत खान-पान सामग्री की बिक्री की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों को दी है, वे भी इस गड़बड़ी को अनदेखा कर रहे हैं। दरअसल रेल नीर का पूरा काम रेलवे के अधीन है। इसके विपरीत अन्य ब्रांड का पानी बाहर से लाकर न तो ट्रेन में बेचा जा सकता है और न ही स्टेशन पर।
लेकिन, रेल नीर से ज्यादा लाभ अन्य ब्रांड में मिलने की वजह से वेंडर स्टेशन पर कई स्टालों सहित कोच में घूमकर पानी की बोतलें बेच रहे हैं। गर्मी में पानी की मांग बढ़ने से खपत भी बढ़ गई है। ऐसे में अन्य ब्रांड का पानी बेचा जा रहा है जो स्वास्थ के लिहाज से मानकविहीन है।
इनसेट
तीन बार पकड़ा जा चुका है दूसरे ब्रांड का पानी
सीएमआई नीरज सोमवंशी ने तीन बार पंजाबमेल में छापा मार कर दूसरे ब्रांड का पानी पकड़ा। मगर एक भी वेंडर नहीं पकड़ा गया। इसके बावजूद रेल नीर की जगह अन्य ब्रांड का पानी स्टेशन से लेकर ट्रेनों में खुले आम बेचा जा रहा है। लेकिन, स्टेशन अधीक्षक से लेकर सीएमआई तकइस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बातचीत में सीएमआई ने कहा, लगातार अभियान चलाकर दूसरे ब्रांड का पानी बेचने वाले वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
वर्जन-
स्टेशन पर रेल नीर की बिक्री ही की जा सकती है। आपूर्ति में कोई समस्या होने पर ही अन्य ब्रांड की अनुमति दी जाती है। दूसरा ब्रांड मिलने पर कार्रवाई करते हैं।
रेखा शर्मा, सीनियर डीसीएम।