तंत्र क्रिया करने वाले दोनों लोग सभी के बेहोश होते ही रात के अंधेरे में फरार हो गए। बुधवार को करीब आठ बजे तक शिवमूर्ति के घर के लोग बाहर नहीं निकले तो पड़ोसी उसके घर पहुंचे। देखा तो शिवमूर्ति (55) उसका बेटा अशोक गौतम (30), रौनक (9), निर्मला गौतम (34), आरती देवी (28) और सोनाली गौतम (16) बेहोशी की हालत में बिस्तर पर पड़े हैं। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सभी को सीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर देख सभी को बेहोशी की हालत में मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां उनका उपचार चल रहा है।
देर शाम होश में आने पर शिवमूर्ति ने बताया कि परिचित घनश्याम एक माह पहले भी उसके घर बेटे की शादी के सिलसिले में आया था। दो दिन बाद ही गया था। इसलिए उस पर विश्वास कर घर में रहने दिया गया। घर के बॉक्स से मजदूरी में मिले करीब 70 हजार रुपये व बहू के सवा लाख की कीमत के जेवरात गायब हैं। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी रोहित मिश्रा ने बताया कि सभी खतरे से बाहर हैं, बातचीत के बाद रुपये व जेवरात लूटने की बात सामने आ रही है। पीड़ितों से जानकारी के बाद घटना को अंजाम देने वालों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई जाएगी।
होश में आने पर निर्मला ने बताया कि कभी बच्चे और कभी वह अक्सर बीमार रहते थे। देवर की शादी का रिश्ता तय करने आए ससुर के करीबी ने सभी की समस्या दूर करने के लिए तंत्र क्रिया कराई। इसके लिए पूजा का सामान दिन में ही मंगा लिया था। वे लोग भी बाजार खरीदारी करने गए थे।
देर होने पर जा सकती थी जान
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सभी का इलाज करने वाले डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि यदि इलाज में दो चार घंटे का विलंब हुआ होता तो सभी की जान भी जा सकती थी। फिलहाल खाने पीने की सामग्री में नशीली गोलियां खिलाई गईं थीं।