शिक्षा जगत के मालवीय और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. मुनीश्वरदत्त उपाध्याय की जयंती शैक्षणिक संस्थानों में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। शिक्षकों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
शहर के भंगवाचुंगी स्थित लोकमान्य तिलक इंटर कॉलेज में मुख्य अतिथि पं. श्याम किशोर शुक्ल ने उनकी प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया। स्वागत भाषण प्रधानाचार्य प्रमोद तिवारी ने प्रस्तुत किया। पं. श्याम किशोर ने कहा कि पं. मुनीश्वरदत्त का व्यक्तित्व कालजयी था। नेहरू और लालबहादुर शास्त्री उनके मित्र थे। विद्यालय अध्यक्ष प्रशांत देव शुक्ल ने कहा कि पं. मुनीश्वरदत्त का जयंती तभी सार्थक होगी। जब शिक्षक संकल्प के साथ अनुशासन को संयमित कर विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य का निर्माण करें। इंटर कॉलेज गौरा में भी पं. मुनीश्वरदत्त की जयंती प्रधानाचार्य डॉ. श्रीराम आसरे की उपस्थिति में मनाई गई। शीतला प्रसाद इंटर कॉलेज गड़वारा में भी जयंती पर पं. मुनीश्वरदत्त को याद किया गया।
जिले के लोगों ने पं. उपाध्याय को किया याद
बेल्हा के शिक्षा जगत के मालवीय कहे जाने वाले पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय की जयंती पर उन्हें याद किया गया। शहर के तिलक इंटर काॅलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ग्रामीण इंटर काॅलेज व पट्टी डिग्री काॅलेज के अध्यक्ष श्याम किशोर शुक्ल ने कहा कि पंडित जी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ ही राष्ट्र के उत्थान के क्रांतिदूत एवं पथ प्रदर्शक थे। पीसीसी सदस्य डाॅ. प्रशांतदेव शुक्ल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी ने पं. मुनीश्वरदत्त के चित्र पर माल्यार्पण किया। तिलक कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार तिवारी ने सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन श्याम शंकर शुक्ल ने किया। इस मौके पर विधिदेव शुक्ल, श्याम शंकर मिश्र, शीतला प्रसाद त्रिपाठी, लालजी त्रिपाठी व ज्ञानेंद्र शुक्ल मौजूद रहे।