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73,123 मीट्रिकटन धान की खरीद, 83,000 का है लक्ष्य

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खजिले में धान बेचने वाले किसानों के करोड़ों रुपये बकाया हैं। आधार से मोबाइल लिंक नहीं होने के कारण इन किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इधर, जिले में 73,123 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। जबकि शासन ने 83,000 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया था। 28 फरवरी तक धान खरीद होना है।
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जिले में धान खरीद अभी जारी है। अब तक 73,123 मीट्रिक टन धान खरीद हो चुकी है, जबकि शासन ने 83,000 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया था। क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले 368 किसानों के लगभग ढाई करोड़ रुपये बकाया हैं। भुगतान नहीं पाने से वह परेशान हैं। दरअसल, धान बेचने वाले किसानों के खाते में ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। मगर किसानों का आधार कार्ड खाते से लिंक नहीं होने के कारण भुगतान में दिक्कत हो रही है।
किसान बैंक और विभाग के चक्कर लगाकर थक जा रहे हैं, मगर उन्हें बकाया नहीं मिल रहा है। जिले में धान खरीद अंतिम दौर में होने से उन किसानों की मुसीबत बढ़ गई है, जो अभी तक धान घर में रखे हुए थे। क्रय केंद्रों पर डंप धान का उठान नहीं होने से केंद्र प्रभारियों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि अफसरों ने खरीदे गए धान को अविलंब उठाने के लिए राइस मिलों को निर्देश दे रखा है।
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रामापुर में सड़ रहा खरीदा गया धान
गौरा विकास खंड के रामापुर धान खरीद केंद्र पर किसानों से खरीदा गया धान सड़ रहा है। विभागीय अधिकारी धान उठाने के लिए राइस मिलर को फोन कर रहे हैं, मगर वह आनाकानी कर रहे हैं। सोमवार को गौरा धान खरीद के बाद बाहर रखे धान के बोरियों की फोटो वायरल होती रही। जिसमें फटी बोरियों में रखा धान के दाने सड़े नजर आ रहे थे।
खरीद केंद्रों पर जो धान रखा है, उसे अविलंब राइल मिलर से उठाने को कहा गया है। ऐसा विधानसभा चुनाव को देखते हुए किया गया है। खरीद लक्ष्य के करीब पहुंच गई है, 28 फरवरी तक खरीद जारी रहेगी।
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अजीत कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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