नहर की साफ-सफाई नहीं होने के कारण पिछले पांच माह से पानी नहीं छोड़ा जा सका है। नहर में जलापूर्ति न होने से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। शारदा सहायक नहर का महुली से दिलीपपुर के रतनमई तक विस्तार है। करीब 12 से अधिक गांव के किसान नहर के पानी से खेतों की सिंचाई करते हैं। खेतों में धान की नर्सरी तैयार हो गई लेकिन नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है। खभोर, पिपरी खालसा, सराय गनई, गनईडीह, गांगपाटी, रसोईया, रतन मई, द्वारिकापुर व दिलीपपुर के किसान नहर में पानी न आने से चिंतित हैं। किसान हरिओम मिश्रा ने बताया कि जेई ने जुलाई के प्रथम सप्ताह में पानी छोड़े जाने की बात कही है। पारस नाथ मिश्र ने बताया कि धान की नर्सरी सिंचाई के अभाव में सूख रही है। एक्सईएन आशुतोष सारस्वत ने बताया कि नहर में पानी छोड़ने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। संवाद