पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना बढ़े वायरल बुखार के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। डेंगू, टाइफाइड और वायरल बुखार के मामले बढ़ रहे हैं। दो महीने में मेडिकल कॉलेज, सीएचसी व पीएचसी को मिलाकर 15.21 लाख पैरासिटामॉल की टेबलेट खप गई। बुखार के मरीजों की संख्या अभी कम नहीं हो रही है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार डेंगू और मलेरिया के मरीज भले ही कम मिल रहे हों, लेकिन वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले वर्ष इन्हीं महीनों में बुखार के मरीजों की संख्या इससे आधी थी। लगभग हर बुखार में चिकित्सक पहले पैरासिटामॉल खाने की सलाह देते हैं। इसके चलते बुखार की दवा की खपत भी बढ़ गई है।
ड्रग वेयर हाउस प्रभारी मनोज पांडेय ने बताया कि पैरासिटामॉल की 20 लाख गोलियां सीएचसी-पीएचसी के साथ मेडिकल कॉलेज भेजा जा चुकी हैं। इनमें से 15.21 लाख टैबलेट का वितरण हो गया है। जबकि 30 लाख टेबलेट अभी स्टोर के स्टॉक में उपलब्ध हैं।
मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में दो महीने के भीतर काउंटर से 3.54 लाख पैरासिटामॉल वितरित की गई है। इसके अलावा दूसरे जनपद के सीएमओ मांग करते हैं तो उन्हें भी दवा मुहैया कराया जा रही है। मनोज बताते हैं कि बीते वर्ष जून से अगस्त तक करीब 9.87 लाख टैबलेट ही वितरित की गई थी। इस बार मांग बढ़ गई है।
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10 पैसे प्रति टैबलेट है पैरासिटामॉल का दाम
सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली पैरासिटामॉल दस पैसे प्रति टैबलेट (यानी एक रुपये पत्ता) दर से सरकार खरीदकर मरीजों को मुफ्त में मुहैया कराती है। सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ल ने कहा कि इन दिनों बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसलिए दवा की खपत भी बढ़ गई है। कैंप लगाकर मरीजों को मुफ्त में दवा वितरित की जा रही है।
सीएचसी और पीएचसी पर अधिक मांग
जिले में 29 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। यहां भी प्रतिदिन लगभग 350 मरीज बुखार के आते हैं। इसके अलावा प्रत्येक रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला भी लगता है, जिसमें ढाई से तीन हजार बुखार के मरीज अपनी जांच और इलाज कराते हैं। इस वजह से यहां पैरासिटामॉल की खपत ज्यादा है।