सांसद प्रमोद तिवारी से जुड़े मानहानि मामले में छह अप्रैल को लालगंज के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विराट मणि त्रिपाठी ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करते हुए परिवाद के रूप में दर्ज किए जाने का फैसला सुनाया।
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी को लेकर उदयपुर में भाजपा नेता ओमप्रकाश पांडेय उर्फ गुडडू का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसे आपत्तिजनक ठहराते हुए सांसद के मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस के कार्रवाई न करने पर सांसद के मीडिया प्रभारी ने लालगंज सिविल कोर्ट में वाद दायर किया था। 26 जुलाई 2024 को तत्कालीन न्यायिक मजिस्ट्रेट अरविंद सिंह के आदेश पर उदयपुर थाने में कुम्भीआइमा निवासी भाजपा नेता ओमप्रकाश पांडेय उर्फ गुडडू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
पुलिस ने कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। इससे असंतुष्ट सांसद के मीडिया प्रभारी ने कोर्ट में आपत्ति दाखिल की। मामले की सुनवाई करते हुए लालगंज के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विराट मणि त्रिपाठी ने छह अप्रैल को जारी आदेश में पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करते हुए परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है।