पीड़ित युवक सचिन का पथरी के नाम पर किये गये आपरेशन का बना निशान।
- फोटो : अमर उजाला।
आशा बहू के साथ पहुंची थी अस्पताल
यहां अपने रिश्तेदार आशा बहू प्रेमा देवी से संपर्क किया। 17 अगस्त 2022 की सुबह दस बजे प्रेमा देवी बस स्टैंड स्थित अक्षत नर्सिंग होम लेकर सचिन को पहुंच गई। आरोप है कि डॉक्टर एसी त्रिपाठी ने सचिन को सीधे ऑपरेशन रूम में लेकर चले गए। करीब पांच घंटे के बाद ओटी से मरीज को निकालकर वार्ड में लाया गया। ऑपरेशन के नाम पर 27 हजार रुपये भी लिए।
जाते समय 15 सौ रुपये का दवा भी डॉक्टर देकर घर भेज दिए। जबतक सचिन दवा खाता रहा तबतक उसे दर्द नहीं हुआ। दवा बंद करने पर सचिन के पेट में दोबारा दर्द हुआ। इस पर उन्होंने दो अलग-अलग सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड कराया, जिनमें पेट में एक किडनी नहीं होने की बात पता चली। परिजन मानने को तैयार नहीं हुए।
थाने में शिकायत कर कार्रवाई की मांग
इसके बाद डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कराया। जहां रेडियोलॉजिस्ट ने एक किडनी गायब होने की जानकारी दी। इससे परिजन परेशान हो गए। कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस मामले की जांच कराने का हवाला देकर लौटा दिया। परिजन शनिवार को एसपी आफिस पहुुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
मरीज जब अस्पताल में ऑपरेशन कराने आया था उस समय भी उसकी किडनी सिकुड़ी हुई थी। ऑपरेशन के बाद और सिकुड़ गई होगी। इस लिए अल्ट्रासाउंड जांच में दिखाई नहीं पड़ रहा है। एमआरआई जांच कराए तो किडनी जरूर दिखेगी। - डॉ. एसी त्रिपाठी, अक्षत नर्सिंग होम संचालक
शिकायती पत्र को सीएमओ के पास भेजा गया है। सीएमओ टीम बनाकर इस मामले में जांच करा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - सत्येंद्र कुमार, कोतवाल।