भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती, 13 सदस्यों में से 11 ने किया बहिष्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
रानीगंज। शिवगढ़ ब्लॉक के रामगढ़ बभनमई में आयोजित ग्राम पंचायत की बैठक में सिर्फ दो सदस्यों के मौजूद होने पर पूर्व में गठित समिति के गठन पर मुहर नहीं लग पाई। इससे समितियों का चयन नहीं हो पाया है। जानकारों के मुताबिक अफसरों ने अब ग्राम प्रधान के कामकाज का रास्ता निकाल लिया है।
शनिवार को हुई बैठक में ग्राम प्रधान कुसुम ओझा के दो समर्थक विशंभरनाथ और शेष नारायण उपाध्याय ही मौजूद रहे। ग्राम पंचायत के 13 सदस्यों में से 11 ने बैठक का बहिष्कार किया। जिस वजह से बनाई गई समितियों पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई। अफसरों का दावा है कि बावजूद इसके प्रधान अपना कामकाज कर सकेंगी। इससे गांव के विकास कार्यों के लिए दी गई धनराशि ग्राम प्रधान खर्च कर सकेंगी। नोडल अधिकारी राजीव कुमार मौर्य ने बताया कि बैठक में कोरम का कोई मायने नहीं था, यह सिर्फ समितियों के गठन की पुष्टि करने के लिए बुलाई गई थी। सदस्यों के मौजूद नहीं होने पर यह समितियां अमान्य कर दी गई हैं। शनिवार को भी ग्राम पंचायत भवन के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही। हालांकि अधिकारियों ने बैठक को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।
अफसरों ने जानबूझ कर नहीं कराई वीडियोग्राफी
शिवगढ़। शिवगढ़ ब्लाॅक में आयोजित क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठक में प्रशासनिक अमले ने जानबूझकर वीडियोग्राफी नहीं कराई, नहीं तो सच सामने आ जाता। आश्चर्य की बात है कि सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी की तैनाती कर दी थी। मगर बैठक और आने-जाने वालों की वीडियोग्राफी नहीं कराई गई। इस मामले पर जिम्मेदार अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।