जिले में बगैर मान्यता के चलने वाले एक भी स्कूल के खिलाफ नहीं हुआ मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। जिले में अवैध रूप से संचालित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस थमाई जा रही है। विभाग का दावा है कि अभी तक 208 स्कूलों को नोटिस देकर स्कूल बंद करने को कहा गया है। फिलहाल शासन ने साफ कहा है कि अगर कोई स्कूल अवैध रूप से संचालित मिलता है तो एक लाख रुपये का जुर्माना और संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
जिले में कक्षा एक से आठ तक चलने वाले अवैध स्कूलों के संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है। शहर और ग्रामीण इलाकों में अवैध स्कूलों की भरमार है। शासन ने अवैध स्कूलों के संचालन पर नियमों को काफी कड़ा कर दिया है। इसके बाद भी अवैध स्कूलों के संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है।
आलम यह है कि कोरोनाकाल में जिन स्कूलों में ताला लग गया था, वह नए शिक्षासत्र में एक बार फिर खुल गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों से जब बेसिक शिक्षा विभाग रिपोर्ट मांगता है, तो खंड शिक्षा अधिकारी एआरपी की रिपोर्ट पर निर्भर रहते हैं। उन्हीं की गोलमोल रिपोर्ट ऊपर भेजी जाती है। इस वजह से अधिकतर स्कूलों को कार्रवाई की सूची में नहीं शामिल किया जाता है। चालू शिक्षा सत्र में 208 स्कूलों को नोटिस जारी करके बंद करने को कहा गया, मगर यह स्कूल अभी संचालित हैं।
मान्यता के नियम कड़े होने से समस्या
निजी स्कूलों के लिए मान्यता हासिल करना आसान नहीं रह गया है। जमीन की उपलब्धता , शिक्षण कक्षों की लंबाई-चौडा़ई का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। स्कूल परिसर में ही खेल का मैदान होना अनिवार्य कर दिया गया है। पूर्व में कागज पर खेल के मैदान दिखाकर मान्यता हासिल कर लेते थे, मगर अब मानक में काफी बदलाव कर दिया गया है। इससे निजी स्कूलों के लिए मान्यता हासिल करना आसान नहीं रह गया है।
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जिले में अवैध रूप से चलने वाले स्कूलों को नोटिस देकर बंद करने को कहा गया है, अगर स्कूल बंद नहीं हुए हैं, तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
श्रीकृष्ण विश्वकर्मा, डीसी, बेसिक शिक्षा विभाग