सड़क दुर्घटना की जानकारी 20 दिन के भीतर आईरेड एप पर करनी होगी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने विभिन्न बीमा कंपनियों की सलाह से ई-डीएआर पोर्टल विकसित किया है। इस पोर्टल को इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईरेड एप) के साथ मर्ज कर दिया गया है। जो सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित तत्काल जानकारी प्रदान करने ,दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ ही मुआवजे के दावों का निस्तारण कराने में मदद करेगा। इसके लिए पोर्टल पर बीस दिन में दुर्घटना की फीडिंग करना जरूरी है।
उप संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन दिलीप गुप्ता ने कि ई-डीएआर पोर्टल की खासियत है कि जांच अधिकारियों को यह पोर्टल साइट के नक्शे के साथ दुर्घटना स्थल की जियो टैगिंग भी उपलब्ध कराएगा। यह जांच अधिकारी को घटना स्थल से उनकी दूरी के बारे में सूचित करने में मदद करेगा। यदि पोर्टल को किसी अन्य स्थान से एक्सेस किया गया है। अन्य विवरण जैसे दुर्घटना स्थल, घायल पीड़ितों, क्षतिग्रस्त वाहनों, चश्मदीद गवाहों आदि के वीडियो और फोटो भी पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।
इस पोर्टल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है। दुर्घटना हॉटस्पॉट की भी पहचान की जाएगी ताकि इन हॉटस्पॉट पर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आवश्यक समाधान निकाला जा सके।
शासन के निर्देश पर जनपद स्तर पर डाटा फीडिंग के लिए पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने सभी थाना स्तर पर एक विशेष कमेटी गठित की है। कमेटी मोटर दुर्घटना क्लेम, दुर्घटना केस केे त्वरित निस्तारण के लिए यातायात प्रभारी से प्रशिक्षण लेगी।
उप संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन दिलीप गुप्ता ने कि ई-जीएआर पोर्टल सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और दावों के निस्तारण में उपयोगी साबित होगा। इससे दुर्घटना पीड़ितों को राहत मिलेगी। पुलिस को भी कर्या निस्सारण में सुविधा होगी।