प्रतापगढ़। प्रदेश सरकार ने जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को सस्ते दर पर दवा मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने का आदेश दिया था। मगर प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज और रानीगंज सीएचसी को छोड़ दिया जाए तो किसी भी सीएचसी परिसर में जन औषधि केंद्र का संचालन नहीं हो रहा है। अब शासन ने ब्लाक परिसर में जन औषधि केंद्र की स्थापना का आदेश दिया है।
सरकार ने लोगों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र का जोर-शोर से प्रचार हुआ। इसके संचालन के लिए तमाम लोग सामने आए। देखते ही देखते जिले में करीब 20 से अधिक लोगों ने जन औषधि केंद्र खुलने के लिए आवेदन भी किए। मगर मेडिकल कॉलेज के पुरुष और महिला विंग के साथ रानीगंज सीएचसी को छोड़कर किसी भी सरकारी अस्पताल में जन औषधि केंद्र की स्थापना नहीं हो सकी है। अब प्रदेश सरकार लोगों को सस्तेदार पर दवा मुहैया कराने के लिए प्रत्येक ब्लाक परिसर में एक-एक जनऔषधि केंद्र खोलने की तैयारी में हैं। इसके लिए शासन की ओर से निर्देश भी आ गया है। जबकि जहां पर खुले भी हैं वहां जरूरी दवा नहीं मिल पा रही है।
475 प्रकार की दवाएं उपलब्ध होने का दावा
मेडिकल कॉलेज के जन औषधि केंद्र संचालक दीपक ने बताया कि केंद्र की दवाएं लखनऊ से आती हैं। हम जेनरिक दवा ही बेच सकते हैं। अपनी तरफ से कोई अतिरिक्त दवा नहीं रख सकते हैं। दवाओं पर 20 फीसदी कमीशन मिलता है। एक्सपायरी दवाओं की वापसी नहीं होने के कारण मजबूरी में कम दवाएं रखते हैं। वर्तमान समय में केंद्र पर 275 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। इस मामले में सीएमओ डाॅ. जीएम शुक्ल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खोलने की जिम्मेदारी लखनऊ के किसी एजेंसी को मिली है। ब्लाॅक के लिए अभी मेरे पास किसी प्रकार का पत्र नहीं आया है।