Not more than 10 percent sensitive polling stations will be made
निकाय चुनाव के लिए विभिन्न मानकों के आधार पर अति संवेदनशील प्लस मतदान केंद्र बनाए जाने हैं। इनकी संख्या 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होंगी। इसके लिए प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। नगर निकाय चुनाव में अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम होंगे।
निकाय चुनावों में मतदान केंद्रों की चार तरह की श्रेणी रखी जाती हैं। इनमें सामान्य केंद्रों के अलावा संवेदनशील, अति संवेदनशील और अति संवेदनशील प्लस केंद्र बनाए जाते हैं। 2017 में हुए चुनाव में जिले में कुल 121 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें से केवल 25 केंद्र सामान्य की श्रेणी में थे, जबकि 25 केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया था। 61 अति संवेदनशील और 10 अति संवेदनशील प्लस श्रेणी में थे।
इस बार भी अति संवेदनशील प्लस बूथों के निर्धारण के लिए आयोग ने निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसके तहत कुल 216 मतदान केंद्रों के 10 प्रतिशत के हिसाब से अधिकतम 22 केंद्र अतिसंवेदनशील बनाए जा सकेंगे। एडीएम त्रिभुवन विश्वकर्मा ने बताया कि पुलिस के सहयोग से केंद्रों की संवेदनशीलता की जांच कराई जा रहा है। तय मानकों के मुताबिक जल्द ही केंद्रों का निर्धारण कर लिया जाएगा। जिससे चुनाव के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
एक नगर पालिका और 18 नगर पंचायतों में बने हैं 216 मतदान केंद्र
नगर निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार 10 नई नगर पंचायतों का गठन हुआ है। जिस वजह से मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ गई है। नगर पालिका की सीमा का विस्तार भी हुआ है। नगर पालिका में कुल 39 मतदान केंद्र व 97 मतदेय स्थल बने हैं। कटरामेदनीगंज में सबसे कम चार मतदान केंद्र 11 मतदेय स्थल बनाए गए हैं।
मतदान केंद्रों पर तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों का जुटाया जा रहा ब्योरा
नगर निकाय चुनाव की तैयारियों में पुलिस प्रशासन भी जुटा है। मतदान केंद्रों पर तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों को ब्योरा जुटाया जा रहा है। ताकि आयोग को फोर्स की जरूरत मतदान केंद्रों के हिसाब से मांगी जा सके।