लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में प्रशासनिक अफसर पद से 31 जुलाई 2019 को सेवानिवृत्त जीवन शंकर तिवारी को हाईकोर्ट के आदेश के एक साल बाद भी पूरी पेंशन, ग्रेच्युटी और राशिकरण का भुगतान नहीं किया गया है। विभाग के चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं।
शहर के लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में तैनात रहे जीवन शंकर तिवारी को रिटायर होने के बाद विभाग के कर्मचारियों ने साजिश के तहत फर्जी शिकायत करके 3,15,074 रुपये का रिकवरी नोटिस थमा दिया। इसके बाद उनके सभी भुगतान रोक दिए गए।
नोटिस मिलने के बाद जीवन शंकर उच्च न्यायालय इलाहाबाद की खंडपीठ लखनऊ में मुकदमा दायर कर न्याय मांगा। हाईकोर्ट ने 15 सितंबर 2022 को रिकवरी आदेश पर रोक लगाते हुए तीन माह के अंदर सभी देयकों का भुगतान करने का आदेश दिया। पर देयकों का भुगतान अभी तक न हुआ, न पेंशन मिली।
जीवन शंकर इन दिनों गंभीर बीमारियों से परेशान है। उन्हें इलाज कराने के लिए रुपयों की जरूरत है। मामला संज्ञान में हैं, बकाया भुगतान के लिए शासन को पत्र लिखा गया है, जल्द ही भुगतान हो जाएगा।
- एनके यादव, अधीक्षण अभियंता लोनिवि