प्रतापगढ़। स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर छूटे हुए मासूमों के साथ गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण अभियान शुरू करने का दावा कर रहा है, मगर एएनएम सेंटर, सीएचसी अथवा पीएचसी तो दूर जिला महिला अस्पताल में भी वैक्सीन का टोटा है। इससे गर्भवती महिलाओं के साथ मासूमों को खसरा सहित कई टीके नहीं लग पा रहे हैं। जिले के आठ ब्लाक मिशन इंद्रधुनष योजना के तहत टीकाकरण के मामले में फिसड्डी रहे। सर्वे के बाद स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर इन ब्लाकों में छूटे हुए बच्चों को टीकाकरण कराने का दावा कर रहा है। मगर स्वास्थ्य विभाग का अभिलेख कुछ और ही बयान कर रहा है।
जिले के एएनएम सेंटर, सीएचसी और पीएचसी तो दूर जिला महिला अस्पताल में विटामिन ए, विटामिन एटू, ओपीटी, मीजिल्स एमआर वन और मीजिल्स एमआरटू, जेई, बीसीजी, आईपी एमआर सहित अन्य टीका का टोटा है। ऐसे में छूटे ब्लाक मानधाता, बाबागंज, लक्ष्मणपुर, मंगरौरा, शिवगढ़ और संडवाचंद्रिका के साथ अर्बन क्षेत्र तो दूर तत्काल में जिन मासूमों के साथ गर्भवती महिलाओं को टीका लगना है उनका टीका नहीं लग पा रहा है। गर्भवती महिलाएं जहां टीकाकरण को लेकर परेशान दिख रही है वहीं मासूम बच्चों को गोद में लेकर प्रसूता भटक रही हैं। मगर जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग इससे पूरी तरह अंजान बना हुआ है। कागज पर दो दिसंबर से छूटे हुए 0 से दो साल तक के 5351 मासूम बच्चों के साथ 837 गर्भवती महिलाओ को टीकाकरण कराने का फैसला लिया है। वैक्सीन की कमी किसी एक सरकारी अस्पताल में नहीं बल्कि पूरे जिले के अस्पतालों में देखने को मिल रही है।
प्रतिदिन लौट रहे मासूम बच्चे
टीका लगवाने के लिए मासूम बच्चों को लेकर अस्पताल आने वाले लोगों को प्रतिदिन वापस लौटना पड़ता है। आज नहीं कल लगाए जाने की बात कहीं जाती है। इससे लोग परेशान होते हैं। मगर जिम्मेदार अंजान बने रहते हैं।
बारबार इंडेन, फिर भी मुहैया नहीं हो पाया वैक्सीन
बारबार वैक्सीन के लिए इंडेन भेजा जा रहा था। मगर जिम्मेदार लोग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे थे। यदि समय रहते वैक्सीन आ गया होता तो शायद यह दिक्कतें न आतीं। टीकाकरण के लिए लोगों को भटकना न पड़ता। मगर जिम्मेदार पूरी तरह अंजान बने रहते हैं।
जरूरत के मुताबिक वैक्सीन सरकारी अस्पताल में भरपूर है। इंडेन भी भेजा गया है। जिले में ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में वैक्सीन की कमी चल रही है। गुरुवार को टीम भेजकर वाराणसी से वैक्सीन मंगवाया जाएगा। इससे टीकाकरण से कोई वंचित नहीं रह जाएगा।
डॉ अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।