जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अब कचहरी और ब्लाक का चक्कर नहीं लगाना होगा। मेडिकल कॉलेज, सीएचसी के साथ ही अब 56 पीएचसी और 315 उपकेंद्र में जन्म लेने वाले नवजात के अलावा इलाज के दौरान यदि किसी की मौत हो जाती है तो उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अबतक लोगों को कचहरी, सीएमओ आफिस और अपने ब्लाक का चक्कर लगाने सहित ग्राम प्रधान से लिखवाकर ब्लाक में जमा करना होता था। मगर अब अब ऐसा नहीं होगा। जिले के 56 पीएचसी और 315 उपकेंद्र यानी एएनएम सेंटर पर जन्म लेने वाले नवजात का प्रमाण पत्र एएनएम जारी करेंगी।
प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत हो जाती है तो उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी एएनएम को ही जारी करना होगा। अबतक यह व्यवस्था मेडिकल कॉलेज के साथ ही 17 सीएचसी पर ही थी। समस्या को देखते हुए शासन ने सीएमओ से पीएचसी और एएनएम सेंटर के अलावा निजी नर्सिंग होम का नाम मांगा है ताकि पीएचसी और एएनएम सेंटर के नाम से आईडी जारी की जा सके।
यहां इलाज के दौरान किसी की मौत हो जाए या फिर प्रसव हो तो नवजात का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ब्लाॅक, कचहरी, तहसील और सीएमओ कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। सीएमओ डाॅ.जीएम शुक्ल ने बताया कि अपने यहां 360 एएनएम सेंटर हैं। इनमें से 45 एएनएम सेंटर पर महज टीकाकरण होता है। जिस 315 सेंटर को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आईडी दी जा रही है, वहां प्रसव केंद्र बनाया गया है। इसके लिए किसी से न तो शुल्क लेंगे और न ही उन्हें प्रमाण पत्र जारी करने में आनाकानी करेंगे।