समयावधि समाप्त होने से पहले ही राज्य विश्वविद्यालय ने चालान जनरेट करने पर विलंब शुल्क लगा दिया। विश्वविद्यालय के मनमाने रवैये से काॅलेज संचालकों में नाराजगी है।
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय ने बीएड प्रथम सेमेस्टर के छात्र- छात्राओं की दाखिले की प्रक्रिया जुलाई माह से शुरू कर दी थी। अक्तूबर माह तक दूसरी राउंड की कॉउंसीलिग़ तक छात्र छात्राओं का प्रवेश काॅलेजो में होता रहा।
प्रथम सेमेस्टर का पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया। जांच के दौरान पता चला कि अधिकांश काॅलेजों ने छात्र छात्राओं का पंजीकरण नही कराया है। इस वजह से विश्वविद्यालय ने बीएड प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया। 25 से 30 जनवरी तक पंजीकरण का काॅलेजों को मौका दिया गया।
इस बीच सभी काॅलेजों ने पंजीकरण करा लिया। लेकिन शुल्क जमा करने के लिए जब ऑनलाइन चालान जनरेट किया जाने लगा तो विश्वविद्यालय प्रति छात्रों पर तीन हजार रुपये विलंब शुल्क लगा दिया गया।
काॅलेज संचालकों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की ओर से दो फरवरी तक चालान जनरेट कर शुल्क जमा करना था। इसके बावजूद विश्वविद्यालय समयावधि समाप्त होने से पहले ही प्रति छात्रों पर तीन हजार रुपये विलंब शुल्क लगा दिया। ऐसे में लाखों रुपये जमा करने का बोझ काॅलेजों पर बढ़ जाएगा।
Iविलंब शुल्क समय के अंदर शुल्क जमा करने वाले काॅलेजों को नही देना है। समय समाप्त होने के बाद ही विलंब शुल्क लगाया जाता है। संजय कुमार,कुलसचिव,राज्य विवि।I