नारियल, चुनरी, बताशा, फल आदि अर्पित कर भक्तों ने मां के चरणों में शीश झुकाकर मन्नत मांगी। मां चंद्रघंटा देवी के स्वरूप के दर्शन को लेकर देवीधामों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। पुरोहितों ने मां का विधि-विधान से पूजन कर महाआरती की।
नवरात्रि के तीसरे दिन बुधवार को देवीधामों में मां नवदुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा का पूजन-अर्चन हुआ। पौराणिक देवीधामों में भक्तों की भीड़ लगी रही। नारियल, चुनरी, बताशा, फल आदि अर्पित कर भक्तों ने मां के चरणों में शीश झुकाकर मन्नत मांगी। सुबह से शाम तक देवीधामों में भक्तों की कतार लगी रही।
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मां चंद्रघंटा देवी के स्वरूप के दर्शन को लेकर देवीधामों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। शहर में सई नदी के तट पर स्थित मां बेल्हादेवी धाम में भोर में घंट-घड़ियाल व वैदिक मंत्र गूंजने लगे। प्रवेश द्वार से मुख्य द्वार तक बैरिकेडिंग में भक्तों की कतार लगी रही।
पुरोहितों ने मां का विधि-विधान से पूजन कर महाआरती की। जयकारे के बीच दर्शन-पूजन शुरू हुआ। भोर से लेकर सुबह दस बजे तक धाम परिसर में भक्तों की लंबी कतार रही।
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महाआरती कर भक्तों ने मां चंद्रघंटा देवी का आशीर्वाद लिया। इधर, रानीगंज क्षेत्र स्थित मां बाराही देवी धाम, मां चंद्रिकन देवी धाम, मां संकट हरणी, मां गौरा देवी में दर्शन- पूजन को लेकर भक्तों की कतार लगी रहीं। सुबह से लेकर शाम तक जयकारे गूंजते रहे।