खुद को एसओजी का सिपाही बताकर कुछ बदमाशों ने शुक्रवार को भूपियामऊ चौराहा स्थित एक ढाबे के बाहर खड़े युवक का अपहरण कर लिया। युवक ने विरोध किया अपह्र्ताओं ने सरेआम तमंचा दिखाकर उसे कार में जबरन बैठाया और भाग निकले। शिकायत पर पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की तो खुद को एसओजी का सिपाही बताने वाले युवक बदमाश निकले। आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दी, लेकिन वे हाथ नहीं लगे।
नगर कोतवाली क्षेत्र के भूपियामऊ निवासी रण विजय सिंह का बेटा दीपक उर्फ दीपू शुक्रवार को भूपियामऊ चौराहा स्थित एक ढाबे के बाहर खड़ा था। इसी बीच कार सवार कुछ युवक वहां पहुंचे। वे युवक को जबरन कार में बैठाने का प्रयास करने लगे। युवक को जबरन चार पहिया पर बैठाने का प्रयास करने लगे।
वहां लोगों के पूछने पर युवकों ने खुद को एसओजी का सिपाही बताया। सिपाही बताने पर पूछताछ कर रहे लोग पीछे हट गए। इसके बाद भी दीपक उनके साथ जाने को तैयार नहीं हुआ। विरोध करने पर युवकों ने तमंचा निकाल लिया और उसे वाहन पर बैठा लिया। जब तक लोग पुलिस को सूचना देते, आरोपी युवक का अपहरण कर फरार हो गए।
जानकारी होने पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी दुर्गेश सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। ढाबे के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे से पुलिस आरोपियों की पहचान का प्रयास करती रही। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर देर शाम तक आरोपियों को पकड़ना तो दूर, उनकी पहचान तक नहीं की जा सकी। वहीं बेटे के अपहरण की सूचना से परिजन परेशान हो गए। एएसपी दुर्गेश सिंह ने बताया कि मामला पुरानी रंजिश का लग रहा है। बहुत जल्द खुलासा कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।