परिवहन निगम ने सोमवार आधी रात से प्रति किमी 25 पैसे की दर से किराया बढ़ा दिया। कंडक्टर यात्रियों से बढ़ा किराया वसूल रहे हैं। मगर यह सवाल अब भी अनुत्तरित है कि मुसाफिरों को खटारा बसों से कब राहत मिलेगी। इस ओर अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं जिले को अब तक एक भी एसी बस नहीं मिली।
अब तक जहां प्रयागराज जाने के लिए 77 रुपये चुकाने होते थे, वहीं अब 93 रुपये देने पड़ रहे हैं। इसी तरह फैजाबाद का 130 के बजाय 157 तो दिल्ली के लिए ट्रेन के एसी कोच की तरह 917 रुपये देने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद निगम की खटारा बसों की मरम्मत और नई बस मुहैया कराने के लिए शासन और परिवहन निगम ध्यान नहीं दे रहा है।
इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है। विभागीय कर्मचारियों के अनुसार निगम की 60 बसों में से 30 बसें ऐसी हैं, जो दस लाख किमी से ज्यादा चल चुकी हैं। लेकिन, कंडम घोषित करने के बजाय इन बसों का संचालन किया जा रहा है।
मजबूरी में यात्रियों को इन्हीं खटारा बसों से सफर तय करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं इनसे सफर तय करने वाले यात्रियों से अब 25 पैसा प्रति किमी अधिक किराया वसूला जा रहा है।
मंगलवार को डिपो में बसों की पड़ताल के दौरान प्रतापगढ़ से पट्टी जा रही बस की सीट टूटी हुई थी। चालक जितनी बार ब्रेक लगाता है, यात्री उतनी बार सीट लेकर नीचे खिसकते रहे। बस में न तो फर्स्ट एड बॉक्स है और न ही अग्निशमन यंत्र दिखाई पड़ा।
यही हाल प्रतापगढ़ से उदयपुर को जाने वाली बस की थी। बस की टूटी सीट से यात्री सफर करने को विवश दिखे। फैजाबाद को जाने वाली निगम की बस के पहिये के दो नट-बोल्ट ही गायब थे। चालक की स्टेयरिंग के पास तारों का मकड़जाल दिखाई पड़ा।
स्टाप पहले और अब
भुपियामऊ 11 13
विश्वनाथगंज 18 21
प्रयागराज 77 93
लखनऊ 215 259
रायबरेली 115 139
दिल्ली 755 917
कानपुर 251 304
फैजाबाद 130 157
सुलतानपुर 53 65
वाराणसी 193 234
गोरखपुर 308 375
Iअधिकतर बसों की मरम्मत कराई जा चुकी है, जो बसें बची हुई हैं, उनकी भी जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी। कंडम हो चुकीं चार बसों को जल्द ही नीलामी के लिए भेजा जाएगा। किराया प्रतापगढ़ से नहीं बढ़ाया गया है। हम तो शासन की ओर से तय निर्देशों का पालन कर रहे हैं। उम्मीद है, जल्द नई बसें भी आ जाएंगी। I
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- पीके कटिहार, एआरएमI