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Pratapgarh News: बाहर ताला, अंदर कंप्यूटर डाटा एकत्रित करते रहे अफसर

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भारतीय स्टेट बैंक की लीलापुर शाखा में शुक्रवार को बाहर से ताला लटकता रहा, मगर अंदर अफसरों की टीम मौजूद रहकर कंप्यूटर डाटा जुटाने में डटे रहे। बैंक अफसरों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती है, तब तक घपले का सही आंकड़ा सामने नहीं आएगा। जिन ग्राहकों के खाते से रुपये उड़ाए गए हैं और उनका नाम प्राथमिकी में शामिल नहीं है, उनकी नींद उड़ गई है। शुक्रवार को एसपी से मिलकर अपनी व्यथा सुनाई।
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शुक्रवार को गुडफ्राइडे का अवकाश होने के कारण बैंक के बाहर नोटिस लगा दी गई कि आज बैंक बंद है। मगर वाराणसी और प्रतापगढ़ से जांच करने पहुंचे बैंक अधिकारी बाहर से ताला बंद कराकर अंदर कंप्यूटर से डाटा एकत्रित करने में जुटे रहे। दिन भर चली कार्रवाई में एफआईआर से इतर कितने रुपये का घपला हुआ है, इसका आंकड़ा साफ नहीं हो सका है। फिलहाल अब उन पीड़ितों की समस्याएं बढ़ गई हैं जिनके खाते से रुपये गायब हुए हैं, मगर उनका नाम तहरीर में शामिल नहीं किया गया है। शुक्रवार को एसपी से मिलकर मो.अशफाक, कमलेश कुमार तिवारी, निशा सिंह, दिनेश कुमार पांडेय, नरेंद्र कुमार तिवारी ने अपनी व्यथा सुनाई और अपना नाम शामिल करने की मांग की है। एसपी सतपाल अंतिल ने पीड़ितों की दर्द सुनने के बाद कहा कि जिन लोगों का नाम छूट गया है, उनका नाम विवेचना में शामिल कर लिया जाएगा। शाखा प्रबंधक शिखर अग्रवाल ने बताया कि जांच दल में शामिल अफसर निलंबित शाखा प्रबंधक जयनाथ सरोज के पूरे कार्यकाल की जांच कर रहे हैं। पूरी जांच होने पर ही सही वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
शाखा प्रबंधक से खुश रहता था पूरा स्टाफ
ग्राहकों के खाते से रुपये उड़ाने वाले शाखा प्रबंधक सहकर्मियों को मोटी रकम देता था। इससे सभी कर्मचारी उसके इशारे पर नाचते थे। एक जून 2023 को शाखा में तैनाती मिलने के बाद से कर्मचारियों के खुशी के ठिकाना नहीं था। यही वजह है कि जब कोई ग्राहक शिकायत लेकर जाता, तो कर्मचारी उसे संतुष्ट करके वापस कर देते थे।
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एफआईआर में सिर्फ शाखा प्रबंधक का नाम शामिल
शाखा प्रबंधक शिखर अग्रवाल की ओर से लीलापुर थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में तत्कालीन शाखा प्रबंधक जयनाथ सरोज का नाम और एक अज्ञात का नाम शामिल है। जबकि उस ठेकेदार का नाम शामिल नहीं है, जिसकी फर्म पर रुपये अंतरित करके निकाले गए हैं। इधर ठेकेदार मुकर गया है, उसका कहना है कि हमारे खाते में कोई रुपया नहीं आया है। मगर बैंक अफसर उसका डाटा एकत्रित करने में जुटे हुए हैं।
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