चक्काजाम की सूचना पर पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने रोते, बिलखते घायल बच्चों को वाहन से बाहर निकाला। सभी को उपचार के लिए पीएचसी लक्ष्मणपुर ले जाया गया, लेकिन वहां गेट पर ताला बंद था। किसी तरह दूसरे वाहनों से घायल चालक समेत बच्चों को ट्रामा सेंटर ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने कक्षा एक में पढ़ने वाली छात्रा मानसी (7) पुत्री उमेश को परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया।
हादसे में घायल मानसी के भाई कार्तिक (5) , वैभव (6) पुत्र धीरेंद्र सिंह, मोहिनी (7) पुत्री तूफान सरोज, यश (5) पुत्र धमेंद्र सरोज, आयुष (6) पुत्र सुरेंद्र प्रजापति, आराध्या (6) पुत्री अमरेश, अंशिका (5) पुत्री चंद्रकेश सिंह, नैना (8) पुत्री रवि सरोज, अर्पिता (7)पुत्री चंद्रकेश सिंह, संजना (9) पुत्री सुखदेव प्रजापति, आर्यन (6) पुत्र मिथलेश व मैजिक चालक शरीफ का प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों ने यश, कार्तिक और चालक शरीफ की गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां से यश को अति गंभीर हालत में प्रयागराज स्थित सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय (चिल्ड्रेन) रेफर किया गया।
स्कूल वैन हादसे में घायल बच्चे।
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इधर, लक्ष्मणपुर पीएचसी में ताला बंद मिलने व घटना से आक्रोशित लोगों ने ब्लॉक के गेट पर ताला बंद कर नारेबाजी की। नाराज लोगों ने सगरासुंदरपुर- डेरवा मार्ग पर जाम लगा दिया। जानकारी मिलने पर प्रशिक्षु आईपीएस अमृत जैन, एएसपी पश्चिमी रोहित मिश्रा मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोगों को किसी तरह समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया।
स्कूल वैन हादसे में घायल बच्चे।
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पीएचसी में तैनात चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई व कर्मचारियों की तैनाती की मांग संबंधी ज्ञापन अफसरों को दिया। अधिकारियों के आश्वासन पर करीब ढाई घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। लोगों को बताया गया कि दुर्घटना के आरोपी लोडर चालक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। मृतका मानसी के चाचा राज सरोज की तहरीर पर पुलिस ने लोडर चालक शहरयार आलम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एएसपी पश्चिमी रोहित मिश्रा ने बताया कि घायलों का इलाज कराया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।