स्थानीय थाना क्षेत्र के डांडी गांव के ईंट भट्ठे पर काम करने के दौरान दम घुटने से मजदूर गिरधारी वर्मा की मौत से आक्रोशित परिजन व ग्रामीणों ने शव जेठवारा- प्रतापगढ़ मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान महिलाओं की पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई।
तकरीबन आधे घंटे तक लगे जाम के दौरान नारेबाजी होती रही। मौके पर पहुंचे एसडीएम के आश्वासन पर परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। पुलिस ने भट्ठा मालिक पर मुकदमा दर्ज कर लिया। लीलापुर थाना क्षेत्र के रेड़ी गांव निवासी गिरधारी वर्मा डांडी गांव स्थित पांडेय ब्रिक्स पर मजदूरी करता था।
सोमवार की रात ईंट पकाने के लिए आग लगाई गई। चिमनी ठीक करते समय गैस व धुएं की चपेट में आने से वह अचेत हो गया। इलाज के दौरान ट्रामा सेंटर लालगंज में मौत हो गई। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया।
बुधवार को घटना से आक्रोिशित परिजन जेठवारा- प्रतापगढ़ मार्ग पर नौबस्ता गांव के पास शव लेकर पहुंच गए। पुलिस ने सड़क पर शव रखने से रोक दिया। इसे लेकर परिजन तथा ग्रामीण हंगामा करने लगे।
हालांकि वहां मौजूद बाघराय व जेठवारा थाने की पुलिस ने सभी को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान महिलाओं से पुलिसकर्मियों की धक्कामुक्की हुई। हंगामे के बीच महिलाएं शव सड़क पर रखकर ईट भट्ठा संचालक की गिरफ्तारी की मांग करने लगीं। इससे वाहनों का आवागमन बंद हो गया।
कुछ देर बाद एसडीएम लालगंज मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बात करते हुए दस लाख रुपये आर्थिक सहायता व भट्ठा मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस बीच एसडीएम ने मृतक के भतीजे बृजेश वर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी।
इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर चले गए। मृतक गिरधारी के कंधे पर परिवार की जिम्मेदारी थी। पत्नी, बेटी अंकिता, उमा, राजमती, बेटे मुकेश व आरके का पालन पोषण मृतक की कमाई से ही हो रहा था।