दो वर्ष पहले बने वेंडिंग जोन के बावजूद सड़क किनारे लगते हैं ठेलेसंवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। शहर में स्ट्रीट मार्केट की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर पालिका ने वेंडिंग योजना शुरू की थी। मकसद था कि वेंडर्स को नियोजित करना। हालांकि, दो वर्ष पहले शुरू हुई यह योजना अधर में लटक गई है।
हालत यह है कि शहर में जगह- जगह बने वेंडिंग जोन में जगह अलॉट होने के बाद भी ठेले और रेहड़ी वाले वेंडिंग जोन के बाहर सड़क पर ही अपने ठेले लगा रहे हैं। इससे सड़कों पर अतिक्रमण लगता है और जाम की समस्या बनी रहती है।
नगर पालिका की ओर से दो वर्ष पहले वेंडिंग जोन बनाया गया था। डाकघर से ट्रांजिट हॉस्टल जाने वाले मार्ग सहित राजापाल चौराहे से केपी कॉलेज रोड, शहीद उद्यान से ट्रांजिट हॉस्टल, मीराभवन से सगरा रोड समेत नौ स्थान वेंडिंग जोन के रूप में चिह्नित किए गए थे। इन्हें प्रमुख सड़कों के किनारे बनाया गया है ताकि अतिक्रमण न हो। इसके साथ ही ट्रैफिक जाम को भी दूर किया जा सके।
कई दिनाें तक व्यवस्था ठीक रही लेकिन मौजूदा समय में पुराने ढर्रे पर सबकुछ फिर लौटने लगा है। ठेले पर दुकान लगाने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। चौक से लेकर चिलबिला, जजेज कॉलोनी से चौक घंटाघर हो या फिर सब्जी मंडी। पटरी तो दूर सड़क तक ठेले वालों ने कब्जा कर रखा है।
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आंबेडकर चौराहे से चौक तक अतिक्रमण
दो वर्ष पहले कचहरी की दीवारों को पेंटिंग कराकर खाली कराया गया था। यहां लगाई गई दुकानों को हटा दिया गया। जीआईसी, जीजीआईसी तक ठेले व पटरी दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। अब तो अतिक्रमण करने वाले नगर पालिका के कर्मचारियों की भी अनदेखी करते हैं। यदि कोई जुर्माना या चालान काटने की बात करता है तो दुकानदार लड़ने पर आमादा रहते हैं। अब तक सगरा रोड के वेडिंग जोन में 4 से 6 वेंडर्स ने ही दुकानें खोली हैं।
शहर के पहले फूड वेंडिंग जोन को दुकानदारों का ‘इंतजार’
जहां वेडिंग जोन बन चुका है, वहां वेंडर्स को जगह अलॉट करने की कवायद भी शुरू है। लोगों को एक गुमटी के बराबर जगह किराए पर देने का मसौदा तैयार हुआ था लेकिन बाद में योजना पर अमल नहीं हो सका।
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वेंडिंग जोन में दुकान न लगाने वाले वेंडर्स की जांच कराई जाएगी। जल्द ही वेंडर्स को इसके लिए नोटिस भी जारी किया जाएगा।
- राम अचल कुरील, ईओ नगर पालिका