मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ छेड़खानी करने वाले जेआर की सेवा समाप्त कर दी गई है। प्राचार्य ने एसआर से माफी नामा मांग लिया। एसआर ने शपथ पत्र दिया है कि भविष्य में वे इस तरह का कार्य नहीं करेगा। हालांकि जेआर और एसआर इस तरह के मामले से इनकार कर रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में डॉ. शाहिल एसआर के पद पर तो डॉ. धनंजय की जेआर के पद पर तैनाती हुई थी। कॉलेज की एक छात्रा ने दोनों चिकित्सकों पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से शिकायत की। प्राचार्य ने जांच की जिम्मेदारी यौन उत्पीड़न समिति को दे दी। मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्टरों ने बताया कि प्राचार्य ने जेआर के पद पर तैनात डॉ. धनंजय की सेवा समाप्त करते हुए एसआर के पद पर तैनात डॉ. शाहिल से शपथ पत्र मांग लिया। शपथ पत्र में यह भी लिखा हुआ है कि भविष्य में इस तरह की गलती होती है तो मेरी सेवा समाप्त कर दी जाए। मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा के साथ इस तरह की घटना कोई पहली बार नहीं घटित हुई है। लोक लाज के डर व भय के चलते छात्राएं शिकायत नहीं करती है। शिकायत करने पर उन्हें ही प्राचार्य की फटकार सुननी पड़ती है। इससे शिकायत करने से छात्राएं पीछे हट जाती हैं। जिस छात्रा ने शिकायत की है उसने कार्रवाई की मांग भी की है। इस मामले में आरोपित डॉ. धनंजय ने कहा कि आरोप निराधार है। मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं खुद से त्यागपत्र दे दिया हूं। जबकि एसआर डॉ. शाहिल से बात नहीं हो पाई। प्राचार्य से भी बात करने की कई कोशिशें की गईं लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।