पुलिस के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से मनोज रविवार को दिल्ली में रहने वाली अपनी बहन के घर पहुंच गए। शाम को वह दिल्ली में ही सरिता विहार कॉलोनी (डीडीए फ्लैट) में रहने वाले अपने दोस्त मनीष के घर पहुंचे। जहां आधी रात बाद करीब एक बजे कमरा बंद किया फिर गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
सोमवार को सूचना गांव पहुंची तो हर कोई हैरत में पड़ गया। पैतृक गांव में परिवार संग रहने वाले उनके चाचा राम प्रसाद रोने लगे। जबकि मनोज की मां कुसुम देवी, पत्नी रीता विश्वकर्मा व बेटी पीहू प्रयागराज के शांतिपुरम में रहते हैं। खबर मिलने के बाद परिवार के लोग बदहवास हैं।
आजमगढ़ के एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि दरोगा मनोज विश्वकर्मा विवेचना के लिए हरियाणा गए थे। उनके खुदकुशी करने की सूचना पर आजमगढ़ पुलिस को दिल्ली भेजा गया है। परिजनों को भी सूचना दी गई है।