सुवंसा स्टेशन रोड पर लगे जाम को खुलवाने पहुंचे दरोगा व सरकारी कर्मचारियों से विवाद के बाद मारपीट हो गई। दरोगा को बचाने में सिपाही जद्दोजहद करते रहे। इस दौरान दरोगी की वर्दी फट गई। आरोपियों ने उनका बिल्ला भी नोच लिया। हालांकि पुलिस आरोपी सरकारी कर्मचारियों के घर दबिश दी, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया।
सुवंसा स्टेशन रोड के रहने वाले लोगों के अनुसार रविवार की देर शाम जाम खुलवाने के लिए दो दरोगा सिपाहियों के साथ पहुंचे। रोड पर खड़ी कार हटाने को कहा। जिस पर कार सवार ग्राम पंचायत सचिव व उसके एयरफोर्स की नौकरी करने वाले भाई ने पुलिसकर्मियों को जवाब दिया कि चाहे लाखों रुपये का चालान कर दो गाड़ी नहीं हटेगी। गहमागहमी के बीच दोनों पक्षों के बीच गाली गलौज के साथ ही हाथापाई होने लगी। बीच सड़क पर दोनों पक्षों में पटका पटकी हो गई। दरोगा की वर्दी तक फट गई। सिपाहियों ने किसी तरह दोनों पक्षों को अलग किया। आसपास के लोगों के हस्तक्षेप पर दोनों भाई वहां से हटे। चर्चा है कि पुलिस ने रात में ही दबिश देकर दोनों भाइयों को थाने उठा ले गई। हालांकि सुबह कुछ देर तक चली पंचायत के बाद उन्हें छोड़ भी दिया गया। फतनपुर थानाध्यक्ष अभिषेक सिरोही ने बताया कि जाम खुलवाने के लिए दरोगा व सिपाही गए थे। वहां उनके साथ एक ग्राम विकास अधिकारी और उसके एयर फोर्स में नौकरी करने वाले भाई ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता की। उनकी तलाश की जा रही है। हिरासत में लेने की बात गलत है।