172 नर्सिंग होम और क्लीनिक संचालक इस बार नवीनीकरण से चूक गए। 30 अप्रैल तक नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का अंतिम मौका था। बिना पंजीकरण इन चिकित्सकीय संस्थानों का लाइसेंस निरस्त माना जाएगा। कार्रवाई के भय से क्लीनिक और नर्सिंग होम संचालक परेशान है।
जनपद में 439 नर्सिंग होम और क्लीनिक पंजीकृत है। एक से 30 अप्रैल के बीच में इनके संचालकों को लाइसेंस नवीनीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग के वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर औपचारिकताएं पूरी करनी थीं। निश्चित अवधि तक 267 संचालकों ने ही पंजीकरण कराया। 172 क्लीनिक और नर्सिंग होम संचालकों ने नवीनीकरण नहीं करा सके।
डिप्टी सीएमओ डॉ. एस हैदर ने बताया कि नवीनीकरण नहीं कराने वाले नर्सिंग होम संचालक हों या फिर क्लीनिक चलाने वाले चिकित्सक, अब उनका लाइसेंस निरस्त माना जाएगा। उन्हें लाइसेंस के लिए नए सिरे से औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। जांच में पकड़े जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।