फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pratapgarh News: संपादित- 67 अस्पतालों में आग बुझाने के इंतजाम नाकाफी

Wed, 20 Dec 2023 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
विज्ञापन
प्रताप बहादुर चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में लगी भीड़। संवाद
विज्ञापन
शहर के 67 अस्पतालों में आग के बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। आपात स्थिति में मरीजों और तीमारदारों को बाहर निकालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है। अग्निशमन विभाग की ओर से अस्पताल संचालकों को नोटिस भेजा गया लेकिन स्थिति जस की तस है।
विज्ञापन

जिला मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड और पुराने सर्जिकल वार्ड में भी आग बुझाने का पर्याप्त इंतजाम नहीं है। यहां सिर्फ अग्निशमन यंत्र लगा है, अन्य उपकरण नदारद हैं। हालांकि नए भवन में व्यवस्थाएं की गईं हैं।
अग्निशमन विभाग ने करीब पांच माह पहले जिले के सरकारी, कुछ निजी अस्पतालों की सेफ्टी ऑडिट 78 अस्पतालों में अग्निशमन व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम न मिलने पर उन्हें दुरुस्त करने को कहा था। प्रभारी एफएसओ आरएस दुबे ने बताया कि नोटिस जारी होने पर शहर के प्राइवेट 11 बड़े अस्पतालों ने व्यवस्था दुरुस्त करा ली। शेष ने ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन


अधिकांश सरकारी अस्पतालों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। पंजीकृत प्राइवेट अस्पतालों में भी आग से बचाव का इंतजाम होने पर ही नवीनीकरण किया जा रहा है। जांच के दौरान निजी अस्पतालों में आग से बचाव से संबंधित संसाधनों की जांच भी होती है।
- डॉ. जीएम शुक्ला, सीएमओ


कम क्षमता की बनी है पानी की टंकी
निजी व सरकारी अस्पताल के भवनों की छतों पर मानक से कम क्षमता वाली पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। औसतन आठ हजार लीटर की टंकी होनी चाहिए लेकिन मेडिकल कॉलेज को छोड़ दें तो दूसरे सरकारी व निजी अस्पतालों में तीन हजार लीटर क्षमता की टंकी है। इसके लिए अग्निशमन विभाग की ओर से सभी को नोटिस भेजा जा चुका है।

क्लीनिकों की तो जांच ही नहीं
शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में क्लीनिक का संचालन अवैध तरीके से किया जा रहा है। यहां आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं, न ही यहां कोई जांच करने पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें