शव को कब्र से निकालने के लिए पहुंचे अधिकारी।
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अदालत के आदेश से दर्ज दहेज हत्या के मुकदमें में चार महीने के बाद पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में कब्र खोदने के लिए पहुंचे। कब्रगाह में काफी देर तक कब्र की खोज हुई लेकिन काफी देर तक कब्र पहचान में नही आई। इधर पुलिस की कार्रवाई को लेकर लोगों की भीड़ लगी रही।
लीलापुर थाने के तेजगढ़ निवासी मो अब्बास की तीसरे नंबर की बेटी अकशरन्निशा की शादी छह साल पहले जयरामपुर दुर्गागंज के इरफान से हुई थी। 12 अप्रैल 2023 को दूसरे प्रसव के बीच विवाहिता की मौत हो गई थी। उसके बाद ससुराल के लोगों ने शव को दफन कर दिया था। इधर, पिता मो. अब्बास ने बेटी की मौत पर सवाल उठाते हुए कोर्ट में वाद दायर किया था। जिस पर कोर्ट के आदेश से पुलिस ने ससुराल के नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
शुक्रवार को सीओ विनय प्रभाकर साहनी और नायब तहसीलदार कृपा शंकर दुर्गागंज कब्रगाह पहुंचे। परिजन भी पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में कब्रगाह पर मौजूद रहे। काफी देर तक कब्र की पहचान के लिए मशक्कत करते रहे, लेकिन कब्र चिन्हित नहीं हो सकी। सभी बैरंग वापस लौट आए। सीओ विनय प्रभाकर साहनी ने बताया कि कोर्ट के आदेश से मुकदमा दर्ज था, जिस पर डीएम से आदेश लेकर कब्र खोदकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाना था, लेकिन कब्र चिन्हित नहीं हो सकी।