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Pratapgarh News: सई की तलहटी में अवैध निर्माण, खतरे में नदी का अस्तित्व

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शहर से गुजरी सई नदी का अस्तित्व अब खतरे में है। भूमाफिया ने नदी के तट का हिस्सा भी बेच दिया है। जिस पर दिन-प्रतिदिन अवैध निर्माण होता जा रहा है। अफसरों की चुप्पी ऐसे ही बनी रही तो आने वाले दिनों में नदी में अवैध तरीके से कब्जेदार हावी हो जाएंगे। तालाब, चकमार्ग और ग्रामसमाज की जमीन पर अवैध कब्जा पर अधिकारियों की नजर है, मगर शहर के मां बेल्हा देवी धाम से गुजरने वाली सई नदी के अस्तित्व को कोई देखने वाला नहीं है। नदी के उफान से घर डूब जाए, यह मंजूर है, मगर अवैध कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
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नदी में आने वाली बाढ़ से भी लोग भयभीत नहीं हो रहे हैं। वर्ष 2014, 2019 में हुई जोरदार बरसात से सई नदी तट पर स्थित आवासों में पानी घुस गया। महीनों पर पानी घरों में जमा रहा, लोग घर छोड़कर फरार रहे। इसके बाद भी नदी के तट पर अवैध कब्जेदारों को नहीं रोका जा रहा है। परिणाम स्वरूप दहिलामऊ चांदमारी, नाला, पूरे ईश्वरनाथ, बेल्हा देवी घाट के करीब, पटखौली, कादीपुर, जिरियामऊ, शिवसत, चलाकपुर में सई नदी की तलहटी तक मकान, कॉलेज समेत व्यावसायिक संस्थानों का निर्माण निरंतर जारी है।
आश्चर्य की बात तो यह है कि भवन, व्यावसायिक संस्थान का नक्शा पास करने वाले विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता व प्रभारी को इन अवैध कब्जेदारों की ओर देखना भी नापसंद है। जबकि सामान्य व्यक्ति के नींव खोदते ही पहुंचकर नक्शा पास कराने के लिए मजबूर कर देते हैं। ऐसे में सई नदी के उफनाने पर नदी की तलहटी के आसपास बने सैकड़ों मकानों में पानी भरेगा।
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नदी के किनारे तक की गई है प्लॉटिंग
शहर के सदर बाजार, पटखौली, दहिलामऊ, पूरे ईश्वरनाथ, करौंदी, गायघाट के आसपास सई नदी के किनारे की जमीनों पर लोग लगातार कब्जा करते जा रहे हैं। कुछ भू स्वामियों से सई नदी के किनारे गाटा संख्या की भूमि का एग्रीमेंट कराने वाले लोग सई नदी की जमीन पर भी कब्जा कर लेते हैं।
जो भी शिकायतें मिलती हैं। विनियमित क्षेत्र के जेई से रिपोर्ट मंगाकर कार्रवाई की जाती है। नदी के तट पर बने मकानों की जांच राजस्व विभाग की टीम से कराकर अवैध निर्माण ध्वस्त कराएंगे।
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- उदयभानु सिंह, एसडीएम सदर, नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र।
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