रोडवेज के रंग में यदि निजी बस सड़क पर दिखी तो चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। बस को सीज कर दिया जाएगा। रोडवेज एआरएम और एआरटीओ की सयुक्त टीमें कार्रवाई करेंगी।
रोडवेज एआरएम आरपी सिंह ने बताया कि जनपद में कुछ निजी बसों में उत्तर प्रदेश डीप, दीप या फिर परिवहन निगम लिखा है। ऐसे निजी बसों को यात्री रोडवेज समझकर उसमें बैठ जाते हैं। यात्रियों से एक तो किराया ज्यादा लेते हैं दूसरे उन्हें सीट नहीं देते हैं। विरोध करने पर मारपीट पर आमद हो जाते हैं। यात्री रोडवेज बस समझकर परिवहन निगम के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराते हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह के अगस्त में 19 तो एक सितंबर से अबतक 11 शिकायतें आई हैं। जांच में लोगों ने बताया कि बस का रंग रोडवेज बस जैसा था, इसलिए उसमें बैठा था। परिचालक मैनुअल टिकट जारी कर रहा था। टिकट में बस नंबर तक नहीं लिखा था। इस पर आरएम एमके द्विवेदी ने एआरएम आरपी सिंह और एआरटीेओ को पत्र भेजकर ऐसे बस को सीज करने के साथ चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। एआरएम ने बताया कि रोडवेज की रंग में यदि बसें दिखी तो बस को सीज किया जाएगा। चालक और मोटर मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। दो बस को पकड़कर डिपो में कार्रवाई की गई है।