सात फेरे लेकर सात जन्मों के बंधन की कसम खाने वाले पति-पत्नी मामूली बात पर अलग रहने का निश्चय कर लिए। लगभग एक वर्ष बाद महिला सहायता प्रकोष्ठ में चले मुकदमे के बाद बृहस्पतिवार को एक बार फिर साथ जीने-मरने के लिए राजी हो गए। हालांकि पति-पत्नी की काउंसलिंग करके चार परिवारों की विदाई कराई गई।
महिला सहायता प्रकोष्ठ में थाना मानधाता की प्रीति पटेल और थाना बाघराय के रोहित पटेल का विवाद चल रहा था। एक वर्ष पहले दोनों की शादी हुई थी। छोटी -छोटी बातों से दोनों के बीच दूरियां बढ़ती गई। मतभेद अधिक बढ़ने पर दोनों ने अलग -अलग रहने का फैसला ले लिया। दहेज में मिले सामान का लेनदेन भी दोनों पक्ष कर चुके थे। महिला प्रकोष्ठ में मामला आने पर काउंसलर डॉ.पीयूष कांत शर्मा और श्रद्धा सिंह ने दोनों पक्ष को एक साथ रहने के लिए राजी कर लिया और बृहस्पतिवार को विदाई कराया। इसके साथ ही थाना उदयपुर की गुंजन सरोज, देवेंद्र सरोज थाना अंतू के साथ, ऊंचाहार रायबरेली की शकुंतला की संग्रामगढ़ के संतलाल के साथ, मानधाता के ज्योति की नगर कोतवाली के राजमणि के साथ विदाई कराई गई। इस मौके पर प्रभारी नमिता सिंह, नमिता पांडेय, आरक्षी सितारा कुशवाहा, रानू मिश्रा, संगीता यादव मौजूद रहीं।