मौसम का मिजाज दिन में गर्म रहता है और रात 11 बजे के बाद सर्द हो रही है। सर्द-गर्म मौसम लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। इस वजह से हर घर में कोई न कोई बीमार है। सर्दी-जुकाम और बुखार के साथ खांसी से परेशान मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज और सीएचसी-पीएचसी ही नहीं, निजी अस्पतालों में भी मरीज हर दिन बढ़ रहे हैं। यही नहीं संक्रमण की वजह से लोगों की आंखें भी लाल हो रही हैं।
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. रमेश पांडेय ने बताया कि दिन और रात के तापमान में अंतर लोगों को बीमार कर रहा है। लोग सिरदर्द, चक्कर आने के साथ आंखों में खुजली होने, लाल होने के साथ सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी का इलाज कराने आ रहे हैं। उन्होंने बताया पहले ओपीडी में मौसम जनित बीमारियों के 100 मरीज इलाज कराने आते थे, बीते सोमवार से मरीजों की संख्या कभी 150 तो कभी 180 तक पहुंच रही है।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मनोज खत्री के मुताबिक सर्दी-जुकाम और बुखार पीड़ितों की संख्या अचानक बढ़ी है। ओपीडी में पहले 100 मरीज आते थे तो अब आंकड़ा 200 के पार पहुंच रहा है। हालांकि इसमें कुछ डायरिया पीड़ित भी आ रहे हैं। गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
बच्चों को संभालने की है जरूरत
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि इस बदलते मौसम में बच्चों को संभाल कर रखने की जरूरत है। बच्चों को तेज धूप से बचाएं। मौसम बदल रहा है, इसलिए ठंडा पानी, आइसक्रीम आदि से उन्हें दूर रखें। बच्चा अनमना हो तो समय-समय पर उन्हें ओआरएस का घोल पीने के लिए देते रहें। धूप में कम निकलने दें। उन्होंने बताया कि ओपीडी में बीमार बच्चों को अभिभावक लेकर आ रहे हैं। पीड़ित बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है।
एक बजे ओपीडी से उठ गए डॉक्टर, महिलाओं ने काटा हंगामा
प्रतापगढ़। राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय के सात नंबर कक्ष में बैठे डॉक्टर दोपहर एक बजे उठकर चले गए। इस पर कुछ महिलाएं हंगामा करने लगीं। नाराज महिलाएं ओपीडी गेट के सामने बैठ गईं। सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह से उन्हें शांत कराकर वहां से उठाया। महिलाओं का परीक्षण डॉ. रमेश पांडेय और डॉ. मनोज खत्री से कराया गया। सीएमएस डॉ. सौभाग्य प्रकाश ने कहा कि महिलाओं के हंगामे की सूचना नहीं है। यदि समय से पहले डॉक्टर ओपीडी छोड़कर चले गए तो गलत है, शिकायत मिली तो जांच कराएंगे।