पुलिस कर्मी वर्दी का धौंस दिखाकर ट्रेनों में बगैर टिकट सफर तय करते हैं। जबकि ऐसा कोई नियम नहीं है। टीईटी टिकट की मांग करता है तो वर्दी का धौंस दिखाकर पुलिस कर्मी मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। एक महीने पहले ही प्रतापगढ़ जंक्शन पर रायबरेली के टीईटी को पुलिस कर्मियों ने टिकट मांगने पर पीट दिया था।
ट्रेनों में अब पुलिस और टीईटी के बीच विवाद खत्म हो जाएगा। रेलवे बोर्ड ने आदेश दिया है कि बगैर टिकट यदि ट्रेन में सफर करते पुलिस कर्मी मिले तो टीईटी इसकी सूचना कंट्रोल को दें। यह भी बताए कि अगला कौन स्टेशन पड़ने वाला है। कंट्रोल इसकी सूचना रेलवे पुलिस को देगा। जीआरपी या फिर आरपीएफ के जवान सीधे कोच में पहुंचकर बगैर टिकट सफर तय करने वाले पुलिस कर्मियों को ट्रेन से नीचे उतार लेंगे।
पहले उनसे जुर्माना जमाकर टिकट बनवाने के लिए कहेंगे। यदि तैयार हो जाते हैं तो जुर्माना जमा करवा कर ई-टिकट जारी कराया जाएगा। पुलिस कर्मी आनाकानी करते हैं तो रेलवे पुलिस ऐसे वर्दीधारियों को जेल तक पहुंचाएगे।
इस मामले में मुख्य टिकट प्रवेक्षक राकेश सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि रेलवे की ओर से इस नए आदेश से हम लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। ट्रेन में सफर करने वाले पुलिस कर्मियों से एक बार टिकट मांगा जाएगा। यदि वे नहीं दिखाते हैं तो उनसे किसी प्रकार का विवाद नहीं किया जाएगा। इसकी शिकायत कार्मिशयल कंट्रोल के पास किया जाएगा। आगे क्या कार्रवाई होती है, इसके जिम्मेदार पुलिस वाले खुद होंगे।