फतनपुर क्षेत्र के गारापुर में मंगलवार दोपहर सड़क निर्माण के दौरान रोलर की चपेट में आने से काम कर रहे मजदूर की तीन वर्षीय बेटी शिवानी की मौत हो गई। इससे आक्रोशित मजदूर ठेकेदार व चालक को मौके पर बुलाने की जिद करने लगे। शव कब्जे में लेने पर पुलिस से मजदूरों की धक्कामुक्की भी हुई। इसे लेकर गांव में अफरातफरी का माहौल रहा।
फतनपुर के गारापुर में ठाकुर बस्ती में पक्की सड़क का निर्माण हो रहा है। सड़क के निर्माण में बिहार के पटना के दुल्हन नगर थाना क्षेत्र स्थित सारकून निवासी कमलेश कुमार अपनी पत्नी के साथ मजदूरी कर रहा था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे सड़क पर फैलाई गिट्टियाें को रोलर दबा रहा था। मजदूरों के बच्चे सड़क के करीब ही खेल रहे थे। रोड रोलर बबलू चला रहा था।
अचानक पीछे हो रहे रोलर की चपेट में कमलेश की इकलौती बेटी शिवानी आ गई। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। यह देख कमलेश व उसकी पत्नी कांति रोते हुए बेहोश हो गए। मजदूरों को एकत्र होता देख चालक बबलू भाग निकला। आक्रोशित मजदूर ठेकेदार व चालक को बुलाने व कार्रवाई की मांग करने लगे।
मौके पर पहुंची पुलिस पहले तो सभी को समझाती रहीए लेकिन जब वे नहीं माने तो शव जबरन बोलेरो में रखवाया। इससे मजदूर भड़क गए। सभी वाहन के आगे आकर बैठ गए। इस पर पुलिस से मजदूरों की नोकझोंक होने लगी। अचानक पुलिसकर्मी शव लेकर आगे निकलने की कोशिश करने लगे तो मजदूर बोलेरो रोकने दौड़ पड़े। उनकी पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस की सख्ती देख मजदूर पीछे हट गए। घटना के बाद पहुंचे ग्रामीणों ने भी मजदूरों को समझा-बुझाकर शांत कराया। प्रभारी निरीक्षक अभिषेक सिरोही ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
थानाध्यक्ष की जल्दबाजी से हो सकता था बवाल
जेठवारा में तैनाती के दौरान सुर्खियों में रहे निरीक्षक अभिषेक सिरोही की कार्यशैली से फतनपुर के लोगों में भी गुस्सा है। अधिवक्ता से अभद्रता का मामला अभी थमा नहीं है। मंगलवार को बच्ची की मौत के बाद थानाध्यक्ष अभिषेक सिरोही पहुंचे। लोगों का आरोप है कि बालिका के परिजनों से बिना कुछ बातचीत शव बोलेरो में रखवाने लगे। जिसे लेकर लोग आक्रोशित हो उठे। यदि बिहार के मजदूरों की जगह स्थानीय लोग होते तो बवाल हो सकता था।