विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते करीब चालीस प्रतिशत उपभोक्ताओं को बिल नहीं मिल रहा है। बिल वितरण का कोई समय निर्धारित नहीं है। इससे उपभोक्ताओं को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इलाके के तमाम उपभोक्ताओं को शिकायत है कि उनका बिजली का बिल कभी सही समय पर नहीं मिलता है। तकरीबन चालीस प्रतिशत उपभोक्ता तो ऐसे हैं जिन्होने कनेक्शन तो ले रखा है, लेकिन विभाग ने अब तक उन्हें बिल ही नहीं दिया है। एक व्यक्ति के नाम से दो बिजली बिल, जबकि कनेक्शन एक ही है। इस बाबत सहसपुर निवासी सुभाष तिवारी ने विभाग से शिकायत भी की, लेकिन दो बिल भेजने का सिलसिला जारी है।
इसी तरह नगर के मनोज मौर्य, देवी प्रसाद तिवारी, शहजाद उर्फ लल्लू की शिकायत है कि उनके बिल कभी भी समय से प्राप्त नहीं होते। ऐसे में वह अपने बिलों का भुगतान समय से कैसे करें। समय से भुगतान नहीं होने पर विभाग उन पर सरचार्ज लगा देता है। पट्टी नगर मुख्यालय में दिसंबर का बिल जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी थी। उपभोक्ताओं को बिल भी उसी दिन दोपहर बाद प्राप्त हुआ। इतना ही नहीं तमाम उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्हें बिल कभी मिला ही नहीं। विभाग ने आरसी काट दी। विभाग की अनदेखी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने व्यवस्था में सुधार की मांग की है। एसडीओ वीके यादव ने बताया कि इस बार विद्युत बिल मंडल कार्यालय से ही विलंब से आया था। वितरण में दिक्कत हुई। इसके पहले बिल एक सप्ताह पूर्व आ जाते थे। ग्रामीण अंचल के बिलों की जिम्मेदारी विभाग की नहीं। फ्रेंचाइजी नियुक्त है।