पट्टी ग्राम न्यायालय की स्थापना के बाद से अलग- अलग अधिवक्ता संगठन एकजुट होकर न्यायिक कार्य से विरत रहकर धरना दे रहे हैं। जिला बार के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार की शाम सहमति के बाद पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह की सदस्यता निरस्त कर दी। कार्रवाई की वजह से अब अधिवक्ता से जनप्रतिनिधि बने अन्य लोगों को भी संगठन से बाहर करने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार करीब तीन वर्ष पहले पट्टी ग्राम न्यायालय की स्थापना के लिए क्षेत्रीय विधायक व तत्कालीन प्रदेश सरकार में मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने कवायद की थी। 11 दिनों से जिला बार, वकील परिषद व जूनियर बार के पदाधिकारियों सहित वरिष्ठ अधिवक्ता कोर्ट में धरना दे रहे हैं। अब वरिष्ठ अधिवक्ताओं की सहमति के बाद पट्टी विधानसभा क्षेत्र से विधायक व मंत्री रहे राजेंद्र प्रताप सिंह को संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया गया। इस बाबत जिला बार के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि राजनीतिक कारण से ही पट्टी ग्राम न्यायालय की स्थापना हुई है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं की सलाह के बाद पूर्व मंत्री अधिवक्ता राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह की सदस्यता निरस्त की गई है।